JSW Cement ने फाइनेंशियल ईयर **27** की पहली तिमाही में **₹1,896.4 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर **21.6%** अधिक है। कंपनी की बिक्री में **15%** का उछाल आया है, हालांकि बिजली और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण ऑपरेटिंग EBITDA में **7.5%** की गिरावट देखने को मिली है।
परफॉर्मेंस की मुख्य बातें
कंपनी ने इस तिमाही में ₹153.4 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) हासिल किया है। इस दौरान कुल सेल्स वॉल्यूम 3.81 मिलियन मीट्रिक टन रही, जिसमें सीमेंट की हिस्सेदारी 2.34 मिलियन मीट्रिक टन (सालाना 26.5% की वृद्धि) है। सीमेंट पर प्रति टन रियलाइजेशन में भी 6.0% का सुधार देखने को मिला है।
मार्जिन पर दबाव का कारण
कंपनी का ऑपरेटिंग EBITDA घटकर ₹298.6 करोड़ पर आ गया है। कंपनी के बेहतर टॉप-लाइन प्रदर्शन के बावजूद, पावर और फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी ने बॉटम-लाइन पर दबाव बनाया है, जो सीमेंट सेक्टर की मौजूदा चुनौती है।
विस्तार और प्रोजेक्ट्स पर नजर
JSW Cement अपनी क्षमता को 43.3 MTPA तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। नागौर इंटीग्रेटेड यूनिट के लिए अगस्त 2026 तक कन्वेयोर सिस्टम के ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है, जबकि सितंबर 2026 तक 1.0 MTPA की ग्राइंडिंग यूनिट चालू हो जाएगी। साथ ही, कंपनी ने अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो में 56 MW की पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ी है, जिससे कुल क्षमता 112 MW हो गई है।
निवेशकों के लिए रिस्क फैक्टर्स
फिलहाल कंपनी का नेट डेट टू EBITDA रेशियो 2.95x है। भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपनी विस्तार परियोजनाओं को समय पर पूरा कर पाती है या नहीं, साथ ही इनपुट कॉस्ट का उतार-चढ़ाव भी एक महत्वपूर्ण रिस्क बना हुआ है।
