JK Paper ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 7.1% बढ़कर ₹7,568.93 करोड़ हो गया, लेकिन नेट प्रॉफिट 33.1% घटकर ₹271.87 करोड़ रह गया। कंपनी ने ₹4 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है।
जेके पेपर का वित्तीय प्रदर्शन: बिक्री बढ़ी, मुनाफा घटा
जेके पेपर लिमिटेड (JK Paper Ltd.) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹7,064.62 करोड़ से बढ़कर 7.1% की बढ़ोतरी के साथ ₹7,568.93 करोड़ दर्ज किया गया। इतना ही नहीं, कंपनी ने कागज और बोर्ड की बिक्री में रिकॉर्ड 8.19 लाख टन की मात्रा हासिल की है।
मुनाफे पर लागत का दबाव
हालांकि, बिक्री के इस रिकॉर्ड स्तर के बावजूद, कंपनी का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) पिछले साल के ₹406.68 करोड़ की तुलना में 33.1% घटकर ₹271.87 करोड़ रह गया। कंपनी के EBITDA में भी 4.1% की गिरावट आई है और यह ₹984.11 करोड़ दर्ज किया गया।
शेयरधारकों के लिए डिविडेंड
इन चुनौतियों के बावजूद, जेके पेपर ने अपने शेयरधारकों को ₹4 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। यह कंपनी की तरफ से शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कंपनी की रणनीति और भविष्य की योजनाएं
पिछले पांच सालों में 14% के रेवेन्यू CAGR के साथ, जेके पेपर ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कंपनी अधिग्रहण के जरिए पैकेजिंग सेगमेंट में विस्तार कर रही है और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए क्षमता में निवेश कर रही है। नए BCTMP प्लांट का शुरू होना और हालिया पैकेजिंग अधिग्रहणों का एकीकरण, कच्चे माल की सुरक्षा को मजबूत करने और बाजार पहुंच का विस्तार करने की उम्मीद है।
जोखिम और चिंताएं
कंपनी के लिए मुख्य चिंताएं लकड़ी की बढ़ती लागत और आयात से प्रतिस्पर्धा के कारण मार्जिन पर दबाव, पूंजीगत व्यय (capex) के लिए कुल कर्ज में ₹2,436.25 करोड़ की महत्वपूर्ण वृद्धि (जो पिछले साल से 39.23% अधिक है), और सप्लाई चेन व माल ढुलाई की लागत को प्रभावित करने वाले संभावित भू-राजनीतिक जोखिम हैं।
