JK Lakshmi Cement ने Q2 FY2027 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर **74.6%** गिरकर **₹20.88 करोड़** रह गया है, जबकि रेवेन्यू में **5.56%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कमाई के आंकड़ों पर नजर
सितंबर तिमाही में कंपनी की बिक्री वॉल्यूम 29.83 लाख टन रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 28.43 लाख टन थी। हालांकि, वॉल्यूम बढ़ने के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट भारी गिरावट के साथ ₹20.88 करोड़ पर आ गया है। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹1,616.92 करोड़ दर्ज किया गया है।
क्यों कम हुआ मुनाफा?
कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक, पेटकोक (Petcoke) की महंगी कीमतें, फ्यूल कॉस्ट और मार्केट में तगड़ी प्रतिस्पर्धा ने मार्जिन पर काफी दबाव बनाया है। इसी कारण सेल्स बढ़ने के बाद भी कंपनी का बॉटम-लाइन प्रदर्शन कमजोर रहा है।
भविष्य की योजनाएं और एक्सपेंशन
कंपनी ने दुर्गा (Durg) प्लांट के लिए ₹3,000 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम तेज कर दिया है। इसमें 2.30 MTPA की नई क्लिंकरइजेशन लाइन और 4.6 MTPA की अतिरिक्त ग्राइंडिंग क्षमता शामिल है, जिसके मार्च 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य है। इसके अलावा, ₹325 करोड़ का रेलवे साइडिंग प्रोजेक्ट भी पाइपलाइन में है, जिसका पहला फेज पूरा हो चुका है।
कानूनी पेंच
कंपनी ने अपने लाइमस्टोन माइन MDO कॉन्ट्रैक्ट रद्द होने के खिलाफ आर्बिट्रेशन (Arbitration) शुरू किया है और ₹130 करोड़ के क्लेम के लिए ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी 2027 को होनी है।
निवेशकों के लिए जोखिम
फ्रेट और पैकेजिंग की ऊंची लागत के साथ मार्केट में कॉम्पिटिशन निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। फिलहाल, मार्जिन में उतार-चढ़ाव और कानूनी विवाद का निपटारा ही स्टॉक के लिए आगे की दिशा तय करेंगे।
