JITF Infralogistics Q2 Results: रेवेन्यू में **35%** की बंपर उछाल, फिर भी जारी है घाटा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
JITF Infralogistics Q2 Results: रेवेन्यू में **35%** की बंपर उछाल, फिर भी जारी है घाटा

JITF Infralogistics ने Q2 FY27 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **35%** बढ़कर **₹726 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन इसके बावजूद कंपनी अभी भी घाटे में है। निवेशकों को कंपनी की सब्सिडियरी और कानूनी विवादों से जुड़े ऑडिटर्स के अलर्ट्स पर ध्यान देना चाहिए।

मुनाफे की राह में कानूनी अड़चनें

सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में JITF Infralogistics का रेवेन्यू सालाना आधार पर 35% बढ़कर ₹726.16 करोड़ रहा। कंपनी का नेट लॉस भी पिछली बार के ₹15.99 करोड़ से घटकर ₹12.67 करोड़ रह गया है। हालांकि, ऊपरी स्तर पर अच्छी ग्रोथ के बावजूद बॉटम-लाइन पर दबाव बना हुआ है, जिसका मुख्य कारण ₹24.64 करोड़ का ESOP खर्च है।

ऑडिटर्स की कड़ी टिप्पणी (Auditor Concerns)

कंपनी के ऑडिटर्स Lodha & Co LLP ने कुछ गंभीर चिंताएं जाहिर की हैं, जो निवेशकों के लिए जानना जरूरी है:

  • सब्सिडियरी पर अनिश्चितता: JITF Water Infra (Naya Raipur) Limited के 'गोइंग कंसर्न' स्टेटस पर सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि इसकी मुख्य कंसेशन एग्रीमेंट अभी तक रिन्यू नहीं हुई है।
  • कानूनी विवाद: JITF Urban Waste Management (Bathinda) Limited एक कॉन्ट्रैक्ट टर्मिनेशन विवाद में फंसी है, जो चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में चल रहा है। इसकी आर्थिक स्थिति काफी हद तक आर्बिट्रेशन के फैसले पर टिकी हुई है।

आगे क्या होगा?

शेयरधारकों को अब कोर्ट के फैसलों और कंसेशन रिन्यूअल की अपडेट्स पर कड़ी नजर रखनी होगी। ये कानूनी और संविदात्मक (contractual) मसले कंपनी के फ्यूचर कैश फ्लो और बैलेंस शीट की सेहत के लिए बेहद अहम हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.