JD Cables की बंपर कमाई! FY26 में इनकम **45.67%** बढ़कर **₹365 करोड़**, मुनाफा **44%** उछला

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
JD Cables की बंपर कमाई! FY26 में इनकम **45.67%** बढ़कर **₹365 करोड़**, मुनाफा **44%** उछला
Overview

JD Cables ने FY26 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की इनकम **45.67%** बढ़कर **₹365 करोड़** रही, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) **44%** की उछाल के साथ **₹31.72 करोड़** दर्ज किया गया। कंपनी EPC सेक्टर में भी विस्तार कर रही है, जिससे ऑर्डर बुक **₹515 करोड़** तक पहुंच गई है। हालांकि, इस तेज ग्रोथ के कारण वर्किंग कैपिटल और कैश फ्लो पर दबाव दिख रहा है।

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JD Cables का FY26 में दमदार प्रदर्शन, EPC सेक्टर में विस्तार पर जोर

JD Cables की वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के नतीजे आ गए हैं, जो कंपनी के लिए काफी उत्साहजनक रहे हैं। कंपनी की कुल आय (Total Income) में पिछले साल की तुलना में 45.67% की जोरदार बढ़ोतरी हुई है और यह ₹365 करोड़ पर पहुंच गई है। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) में भी 44% का उछाल देखा गया, जो ₹31.72 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA भी 40% बढ़कर ₹48.11 करोड़ दर्ज किया गया।

H1 FY26 में भी शानदार प्रदर्शन

कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 की पहली छमाही (H1 FY26) में भी दमदार प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुल आय 70% बढ़कर ₹243 करोड़ रही, जबकि EBITDA में 52% और PAT में 69% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।

EPC में बड़ा दांव

JD Cables इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेक्टर में भी तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी की कुल ₹515 करोड़ की ऑर्डर बुक में अब लगभग ₹300 करोड़ EPC प्रोजेक्ट्स से जुड़े हैं। मैनेजमेंट का लक्ष्य इस सेगमेंट से 8% का PAT मार्जिन हासिल करना है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

यह नतीजे JD Cables के प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग और कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी की सफल एग्जीक्यूशन को दर्शाते हैं। EPC सेगमेंट में उतरना, जो कि हाई-मार्जिन वाला बिजनेस है, कंपनी के लिए लंबी अवधि में ग्रोथ का एक बड़ा जरिया बन सकता है। हालांकि, इस आक्रामक विस्तार और EPC में एंट्री के कारण कंपनी के वर्किंग कैपिटल और कैश फ्लो पर दबाव बढ़ा है, जिस पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखनी होगी।

कंपनी की पृष्ठभूमि

JD Cables के पास दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जिनकी कुल क्षमता 28,000 किलोमीटर प्रति वर्ष है और ये उच्च यूटिलाइजेशन रेट (82.4% और 84.6%) पर चल रही हैं। EPC में कंपनी का कदम इसे एक इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर सोल्यूशंस प्रोवाइडर के रूप में स्थापित कर रहा है।

आगे क्या?

कंपनी सितंबर 2026 तक अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को दोगुना करने की योजना बना रही है और अगले दो सालों में इसे 3x-4x तक बढ़ाने का लक्ष्य है। मैनेजमेंट ने FY27 के लिए 50% से 60% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगाया है और ऑपरेटिंग मार्जिन 12% से 13% के बीच बनाए रखने का लक्ष्य है। FY27 के लिए ऑर्डर बुक का टारगेट ₹700 करोड़ से ₹800 करोड़ रखा गया है।

ध्यान रखने योग्य जोखिम

एक बड़ी चिंता यह है कि तेज ग्रोथ और EPC प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन के कारण कैश फ्लो पर दबाव है। FY26 में ऑपरेशंस से कैश डेफिसिट बढ़ा है और इन्वेंट्री साइकिल भी लंबी हुई है। कंपनी EPC प्रोजेक्ट्स के लिए वर्किंग कैपिटल जुटाने हेतु बैंक लोन ले सकती है। टेंडर्स (जिनके लिए ₹1,000 करोड़ से ज्यादा की बिड की गई है) का सफल कन्वर्जन और EPC मॉडल का कुशल एग्जीक्यूशन महत्वपूर्ण होगा।

भविष्य में क्या देखें?

निवेशक कंपनी की विस्तार योजनाओं के बीच वर्किंग कैपिटल और कैश फ्लो को मैनेज करने की क्षमता पर करीब से नजर रखेंगे। EPC प्रोजेक्ट्स का सफल एग्जीक्यूशन, बकाया टेंडर्स का कन्वर्जन और मार्जिन टारगेट्स को हासिल करना कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन के प्रमुख संकेतक होंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.