JBF Industries ने FY 2025-26 के लिए अपना रिजल्ट जारी किया है, जिसमें ऑपरेशन से रेवेन्यू 'शून्य' रहा है। कंपनी फिलहाल NCLT के तहत दिवाला प्रक्रिया (Insolvency Process) से गुजर रही है और कामकाज पहले ही ठप हो चुका है।
फाइनेंशियल अपडेट: ऑपरेशंस बंद, रेवेन्यू गायब
JBF Industries के हालिया नतीजों में कंपनी का कामकाज पूरी तरह से बंद (Dormant) नजर आ रहा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में ऑपरेशन से कोई कमाई नहीं की है और उसे ₹5.41 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। कंपनी की सभी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां रुक चुकी हैं और इसकी संपत्तियां Madelin Enterprises Pvt. Ltd. को बेची जा चुकी हैं।
कौन चला रहा है कंपनी?
जनवरी 2024 में शुरू हुई CIRP प्रक्रिया के तहत अब कंपनी का बोर्ड निलंबित (Suspended) है। कंपनी के मैनेजमेंट की पूरी जिम्मेदारी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (RP) मिस्टर मुकेश वर्मा के हाथों में है। चौंकाने वाली बात यह है कि वित्तीय वर्ष के दौरान कंपनी में कोई इंटरनल कंट्रोल या ऑडिटर मौजूद नहीं थे और 2018 के बाद से कंपनी ने कोई कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट भी तैयार नहीं किया है।
कर्ज का भारी बोझ और अनिश्चितता
कंपनी के सिर पर अभी भी ₹2,359.84 करोड़ का भारी-भरकम कर्ज खड़ा है। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 तक ₹2,014.33 करोड़ के कर्ज पर ब्याज का प्रावधान भी नहीं किया गया है। साथ ही, सहायक कंपनी JBF RAK LLC के एक लेनदार द्वारा ₹128.48 करोड़ के दावे को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल रिजॉल्यूशन प्लान को लेकर NCLT में सुनवाई चल रही है। निवेशकों की नजर अब आगामी NCLT हियरिंग पर है। कंपनी की 44वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएगी।
