Isgec Heavy Engineering FY26 Results: कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन अकाउंटिंग एडजस्टमेंट से मुनाफा घटा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Isgec Heavy Engineering FY26 Results: कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन अकाउंटिंग एडजस्टमेंट से मुनाफा घटा
Overview

Isgec Heavy Engineering ने वितीय वर्ष 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **7%** बढ़कर **₹6,922.3 करोड़** हो गया है, और EBITDA में **18.6%** की जोरदार उछाल आई है। हालांकि, फिलीपींस सब्सिडियरी के अकाउंटिंग रीक्लासिफिकेशन के चलते नेट प्रॉफिट (PAT) में **24.7%** की गिरावट दर्ज की गई है, जो **₹154 करोड़** रहा।

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Isgec Heavy Engineering FY26 नतीजे

  • कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू: ₹6,922.3 करोड़
  • कंसॉलिडेटेड PAT: ₹154 करोड़

निवेशकों के लिए खास: रेवेन्यू और EBITDA में बढ़ोतरी कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दिखाती है, जबकि PAT में गिरावट अकाउंटिंग एडजस्टमेंट का नतीजा है, न कि बिजनेस परफॉर्मेंस का।

क्या हुआ?

Isgec Heavy Engineering Ltd. ने वितीय वर्ष 2026 के लिए अपने कंसॉलिडेटेड वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹6,464.4 करोड़ की तुलना में 7% बढ़कर ₹6,922.3 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA में 18.6% का इजाफा हुआ और यह ₹671.3 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल ₹566.1 करोड़ था।

हालांकि, कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 24.7% की गिरावट आई है। यह ₹204.4 करोड़ (FY25) से घटकर ₹154 करोड़ (FY26) रह गया। इस गिरावट का मुख्य कारण एक अकाउंटिंग बदलाव है।

क्यों है यह अहम?

निवेशकों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि मुनाफे में आई यह कमी किसी ऑपरेशनल समस्या के कारण नहीं, बल्कि एक अकाउंटिंग एडजस्टमेंट का परिणाम है। रेवेन्यू और EBITDA में लगातार ग्रोथ यह दर्शाती है कि कंपनी का मुख्य व्यवसाय अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक भविष्य की कमाई के लिए अच्छी विजिबिलिटी प्रदान करता है।

बैकस्टोरी: अकाउंटिंग का खेल

FY26 के नतीजों पर CBPI फिलीपींस (Philippines) के बिजनेस के रीक्लासिफिकेशन का असर पड़ा है। इस सब्सिडियरी को 'Assets Held for Sale' से 'Continuing Operations' में शिफ्ट किया गया। इस बदलाव के चलते FY26 में ₹169.9 करोड़ का अकाउंटिंग डेप्रिसिएशन चार्ज लगा, जबकि FY25 में यह ₹59.5 करोड़ था।

अब क्या बदलेगा?

इस रीक्लासिफिकेशन का मतलब है कि फिलीपींस का बिजनेस अब कंपनी के मौजूदा ऑपरेशंस का हिस्सा माना जाएगा। भले ही इससे रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट पर एक बार असर पड़ा है, कंपनी का कहना है कि ऑपरेटिंग EBITDA और कैश फ्लो पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। 31 मार्च, 2026 तक ₹7,984 करोड़ का ऑर्डर बुक विभिन्न सेक्टर्स में अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी सुनिश्चित करता है।

जोखिमों पर नज़र

निवेशकों को अब 'Continuing Operations' के तहत आने वाली CBPI फिलीपींस सब्सिडियरी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और प्रॉफिटेबिलिटी पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए। तीनों मुख्य सेगमेंट्स (Manufacturing, Industrial Projects, और Sugar & Ethanol) में रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखना और मार्जिन को मैनेज करना महत्वपूर्ण होगा।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को कंपनी की क्षमता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए कि वह अपने मजबूत ऑर्डर बुक को रेवेन्यू में कैसे बदलती है और EBITDA मार्जिन को कैसे बनाए रखती है। रीक्लासिफाइड CBPI फिलीपींस सब्सिडियरी का प्रदर्शन भविष्य के नतीजों के लिए अहम रहेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.