Isgec Heavy Engineering ने FY 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा **₹154.04 करोड़** रहा और कर्ज में **43.5%** की भारी कमी देखी गई है। कंपनी ने **₹6** प्रति शेयर डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Isgec Heavy Engineering ने FY26 के लिए अपना सालाना रिपोर्ट कार्ड जारी किया है, जिसमें कंपनी की कुल इनकम ₹6,922.28 करोड़ रही है। हालांकि नतीजों में फिलीपींस की सब्सिडियरी से जुड़ा ₹170 करोड़ का वन-टाइम डेप्रिसिएशन चार्ज भी शामिल है। कंपनी के बेहतर कैश फ्लो मैनेजमेंट का नतीजा है कि नेट डेट गिरकर ₹520.91 करोड़ पर आ गया है। बोर्ड ने निवेशकों के लिए ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है।
सेगमेंट का हाल
मशीनरी मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस कंपनी के लिए चमकता सितारा बना हुआ है, जिसने 13.8% के EBIT मार्जिन के साथ कुल रेवेन्यू में 37% का योगदान दिया है। वहीं, इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स का योगदान 50% रहा। हालांकि, शुगर और इथेनॉल सेगमेंट में चुनौतियां दिखीं, जहां मार्जिन 4.5% पर सिमट गया, जिसकी मुख्य वजह हरियाणा में गन्ने की पेराई में भारी गिरावट (140 लाख क्विंटल से गिरकर 92 लाख क्विंटल) रही।
आगे की राह और एक्सपेंशन
कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। भरतोली (Bhartoli) में नई प्रेस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट सितंबर 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है। इसके अलावा, दहेज (Dahej) में नई फैसिलिटी तैयार की जा रही है ताकि एनर्जी सेक्टर की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
निवेशकों के लिए रिस्क और फैक्टर्स
मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि चीनी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा और शुगर सेगमेंट में कच्चे माल की अस्थिरता मुख्य जोखिम बने हुए हैं। फिलहाल बाजार की नजरें भरतोली और दहेज प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने पर टिकी हैं, जो कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।
