Ircon International ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **₹2,364 करोड़** का रेवेन्यू और **₹100 करोड़** का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है। कंपनी की ऑर्डर बुक **₹21,296 करोड़** पर है, जो भविष्य के लिए मजबूत संकेत देती है।
मुनाफे और रेवेन्यू की स्थिति
कंपनी ने Q2 FY27 के लिए ₹2,272 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि नेट प्रॉफिट ₹100 करोड़ रहा। प्रति शेयर कमाई (EPS) ₹1.09 दर्ज की गई है। मुनाफे पर कुछ दबाव जरूर दिखा, जिसकी वजह श्रीलंका प्रोजेक्ट से जुड़ी ₹12-13 करोड़ की वन-ऑफ टैक्स देनदारी और एक PPP प्रोजेक्ट (ISTPL) से डिविडेंड बंद होना रहा है।
ऑर्डर बुक और भविष्य की राह
कंपनी के पास ₹21,296 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक है, जो कंपनी के सालाना रेवेन्यू का लगभग 2 गुना है। मैनेजमेंट ने FY27 के लिए ₹9,500–10,000 करोड़ के रेवेन्यू गाइडेंस को बरकरार रखा है, जो यह दर्शाता है कि मौजूदा मार्जिन दबाव अस्थायी है।
मर्जर अफवाहों पर मैनेजमेंट की सफाई
मार्केट में Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) के साथ कंपनी के विलय (Merger) की खबरें काफी चर्चा में थीं, लेकिन मैनेजमेंट ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कंपनी अब अपने इंटरनेशनल ऑर्डर शेयर को मौजूदा 9% से बढ़ाकर 15% तक ले जाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
- लक्ष्य: कंपनी का लक्ष्य FY27 में 8%-9% EBITDA मार्जिन बनाए रखने का है।
- प्रोजेक्ट्स: कोयला कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स, जो फिलहाल शुरुआती घाटे में हैं, उनके 2 साल के भीतर ब्रेक-ईवन तक पहुंचने की उम्मीद है।
- निगरानी: आने वाले समय में नए ऑर्डर्स मिलने की रफ्तार और PPP प्रोजेक्ट्स के ऑपरेशनल होने पर निवेशकों की नजर रहनी चाहिए।
