Ion Exchange Q2 Results: कंपनी को लगा तगड़ा झटका, नेट लॉस पहुंचा **₹71.35 करोड़**

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AuthorMehul Desai|Published at:
Ion Exchange Q2 Results: कंपनी को लगा तगड़ा झटका, नेट लॉस पहुंचा **₹71.35 करोड़**

Ion Exchange (India) के लिए दूसरी तिमाही काफी खराब रही है। कंपनी ने मुनाफा कमाने के बजाय **₹71.35 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि पिछले साल इसी समय कंपनी **₹47.87 करोड़** के मुनाफे में थी।

बिगड़े नतीजे और गिरता रेवेन्यू

सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। कंपनी का रेवेन्यू 9.2% घटकर ₹615.73 करोड़ रह गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹678.24 करोड़ था। वहीं दूसरी ओर, कंपनी के खर्चे बढ़कर ₹722.20 करोड़ पर पहुंच गए, जिसने प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा असर डाला है। कंसोलिडेटेड स्तर पर कंपनी का नुकसान ₹81.05 करोड़ रहा है।

क्यों हो रहा है ऐसा?

कंपनी फिलहाल एक बड़े बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन से गुजर रही है। 1 अप्रैल, 2026 से कंपनी अपने पारंपरिक EPC बिजनेस मॉडल को बदलकर टेक्नोलॉजी-बेस्ड वॉटर और एनवायरनमेंट सॉल्यूशंस की ओर शिफ्ट हो रही है। जानकारों का मानना है कि इस बदलाव के दौर में लागत बढ़ने से शॉर्ट टर्म प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव है।

कानूनी पेंच और SEBI की जांच

निवेशकों के लिए एक और चिंता की बात यह है कि कंपनी के ऑडिटर्स ने 'Emphasis of Matter' नोट जारी किया है। यह मामला SEBI के उस निर्देश से जुड़ा है जिसमें सहायक कंपनी 'Ion Exchange Enviro Farms Limited' (IEEFL) को निवेशकों के रिपेमेंट के लिए ₹22.02 करोड़ जमा करने को कहा गया है। कंपनी ने इसके खिलाफ 'Securities Appellate Tribunal' (SAT) में अपील की है। हालांकि मैनेजमेंट का कहना है कि उन्हें कोई लायबिलिटी नहीं देनी होगी, लेकिन कानूनी प्रक्रिया का नतीजा शेयर पर असर डाल सकता है।

अब आगे क्या?

निवेशकों को अब SAT की सुनवाई पर नजर रखनी होगी। साथ ही, कंपनी के नए टेक्नोलॉजी-बेस्ड बिजनेस मॉडल के तहत रेवेन्यू ग्रोथ और खर्चों पर नियंत्रण ही कंपनी को फिर से मुनाफे में लाने की कुंजी साबित होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.