Interarch Building Solutions: शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी ने दिखाया दम, डिविडेंड और स्टॉक स्प्लिट का ऐलान

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Interarch Building Solutions: शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी ने दिखाया दम, डिविडेंड और स्टॉक स्प्लिट का ऐलान

Interarch Building Solutions ने FY26 में अपने रेवेन्यू में **30.6%** की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो **₹1,898 करोड़** रहा। कंपनी ने शेयरधारकों को खुश करने के लिए डिविडेंड (Dividend) और स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) का भी ऐलान किया है।

Interarch Building Solutions का शानदार प्रदर्शन: FY26 में रेवेन्यू ग्रोथ 30.6%

Interarch Building Solutions Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में 30.55% का शानदार उछाल दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹1,453.83 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹1,898 करोड़ हो गया है।

शेयरधारकों को मिलेगा तोहफा?

सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, कंपनी के मुनाफे में भी बढ़ोतरी हुई है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 24.75% बढ़कर ₹134.52 करोड़ हो गया है। वहीं, EBITDA में 29.44% की बढ़त देखी गई और यह ₹176.35 करोड़ पर पहुंच गया। इन दमदार नतीजों के बीच, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को खुश करने के लिए डिविडेंड (Dividend) और स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) का प्रस्ताव भी दिया है।

क्यों दर्ज की कंपनी ने ऐसी ग्रोथ?

यह शानदार प्रदर्शन इंडस्ट्रियल मांग और कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी में विस्तार का नतीजा है। Interarch Building Solutions ने अपने आंध्र प्रदेश प्लांट के दूसरे फेज को चालू किया है और नए सेक्टर्स में भी कदम रखा है। कंपनी ने ₹100 करोड़ का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) भी शुरू किया है, जिसका इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के लिए किया जाएगा।

आगे क्या?

Interarch Building Solutions गुजरात में अपना छठा प्लांट लगाने के लिए जमीन भी खरीद चुकी है, जो FY 2027-28 तक प्रोडक्शन शुरू कर देगा। कनाडा की ER Steel और Mold-Tek Technologies के साथ नई पार्टनरशिप से एक्सपोर्ट बिजनेस को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इन बातों का रखें ध्यान

हालांकि, कंपनी को BSE से XBRL फाइलिंग में तकनीकी गड़बड़ी के कारण ₹50,000 का जुर्माना भरना पड़ा है। कंपनी ने माफी की अपील की है, लेकिन यह दिखाता है कि रेगुलेटरी नियमों का पालन कितना ज़रूरी है। इसके अलावा, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल सप्लाई चेन की दिक्कतें भी सेक्टर के लिए सामान्य जोखिम बनी हुई हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.