Interarch Building Solutions को पंजाब के मोहाली-1 टैक्स अथॉरिटी से वित्त वर्ष 2022-23 के लिए ₹8.30 करोड़ का जीएसटी डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी के सामने अब इस राशि के भुगतान या कानूनी चुनौती देने का विकल्प है।
भारी-भरकम टैक्स डिमांड का मामला
Interarch Building Solutions Ltd को CGST एक्ट, 2017 की धारा 73(1) के तहत एक औपचारिक नोटिस मिला है। पंजाब के मोहाली में असिस्टेंट कमिश्नर द्वारा जारी इस नोटिस में कुल ₹8.30 करोड़ की मांग की गई है। इस रकम में ₹4.56 करोड़ का मूल टैक्स, ₹3.28 करोड़ का ब्याज और ₹0.46 करोड़ का जुर्माना शामिल है।
क्यों मिला है यह नोटिस?
यह डिमांड मुख्य रूप से दो तकनीकी खामियों के कारण आई है:
- सेल्स मिसमैच: कंपनी द्वारा फाइल किए गए GSTR-1 और जारी किए गए ई-वे बिल के बीच अंतर पाया गया है।
- ITC विवाद: कंपनी पर 'ब्लॉक्ड क्रेडिट' श्रेणी की वस्तुओं पर गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करने का आरोप है, जो GST एक्ट की धारा 17(5) का उल्लंघन हो सकता है।
आगे क्या होगा?
कंपनी के मैनेजमेंट के सामने अब दो रास्ते हैं—या तो वे इस आदेश के खिलाफ अपील दायर करें या फिर भविष्य में और ब्याज से बचने के लिए तुरंत भुगतान कर दें। निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि कंपनी इस देनदारी के लिए क्या कदम उठाती है और क्या इसका कंपनी के शॉर्ट-टर्म कैश फ्लो पर कोई बड़ा दबाव पड़ेगा।
