Inox Wind ने ₹106 करोड़ के प्रॉफिट के साथ बदली अपनी रणनीति
Wind Energy सेक्टर की कंपनी Inox Wind ने Q4 FY26 के लिए ₹106 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह नतीजे कंपनी की एक बड़ी स्ट्रैटेजिक शिफ्ट को भी दर्शाते हैं। अब कंपनी 100% टर्नकी EPC कॉन्ट्रैक्ट्स से आगे बढ़कर इक्विपमेंट सप्लाई पर ज़्यादा ध्यान देगी। वहीं, इसी ग्रुप की एक और कंपनी Inox Green ने इसी तिमाही में ₹120 करोड़ की कुल आय (Total Income) और ₹28 करोड़ का PAT रिपोर्ट किया है।
क्या है खास?
कंपनी ने अपने मैनेजमेंट ने इस तिमाही में ₹1,306 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी दर्ज किया है। Inox Wind अब अपने ऑर्डर बुक में इक्विपमेंट सप्लाई के हिस्से को बढ़ाकर 75% करने की योजना बना रही है, जो कि पहले सिर्फ 50% था। इस बदलाव का मुख्य मकसद वर्किंग कैपिटल के ब्लॉकेज को कम करना और पेमेंट में होने वाली देरी से निपटना है।
Inox Green का बड़ा लक्ष्य
दूसरी ओर, Inox Green ने FY27 के लिए ₹600 करोड़ से ज़्यादा का EBITDA गाइडेंस दिया है। यह लक्ष्य हाल ही में एक्वायर किए गए ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) एसेट्स और वैल्यू-एडेड सर्विसेज़ से हासिल होने की उम्मीद है।
क्यों अहम है यह बदलाव?
Inox Wind का यह स्ट्रैटेजिक मूव कंपनी की वित्तीय सेहत को सुधारने के लिए बेहद ज़रूरी है। टर्नकी प्रोजेक्ट्स में फंसा वर्किंग कैपिटल अक्सर कंपनियों के लिए परेशानी का सबब बनता है। इक्विपमेंट सप्लाई पर ज़्यादा फोकस करने से कंपनी का कैश फ्लो (Cash Flow) बेहतर होगा। वहीं, Inox Green का EBITDA गाइडेंस निवेशकों के लिए एक अहम इंडिकेटर है।
आगे क्या?
अब निवेशकों की निगाहें Inox Wind के इस नए बिजनेस मॉडल पर टिकी रहेंगी। यह देखना होगा कि कंपनी कितनी जल्दी अपने ऑर्डर बुक को शिफ्ट कर पाती है और इक्विपमेंट सप्लाई से कितना फायदा उठा पाती है। Inox Green के लिए, एक्वायर्ड एसेट्स का सफल इंटीग्रेशन और EBITDA के टारगेट को पूरा करना अहम होगा।
