Inox Wind का कमाल! Q4 FY26 में ₹106 करोड़ का मुनाफा, अब इस मॉडल पर दांव

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Inox Wind का कमाल! Q4 FY26 में ₹106 करोड़ का मुनाफा, अब इस मॉडल पर दांव
Overview

Inox Wind ने Q4 FY26 में **₹106 करोड़** का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी अब टर्नकी EPC कॉन्ट्रैक्ट्स से हटकर सिर्फ इक्विपमेंट सप्लाई पर फोकस कर रही है, ताकि कैश फ्लो (Cash Flow) सुधर सके और वर्किंग कैपिटल (Working Capital) का ब्लॉकेज कम हो। वहीं, Inox Green ने FY27 के लिए **₹600 करोड़** से ज़्यादा EBITDA का लक्ष्य रखा है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Inox Wind ने ₹106 करोड़ के प्रॉफिट के साथ बदली अपनी रणनीति

Wind Energy सेक्टर की कंपनी Inox Wind ने Q4 FY26 के लिए ₹106 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह नतीजे कंपनी की एक बड़ी स्ट्रैटेजिक शिफ्ट को भी दर्शाते हैं। अब कंपनी 100% टर्नकी EPC कॉन्ट्रैक्ट्स से आगे बढ़कर इक्विपमेंट सप्लाई पर ज़्यादा ध्यान देगी। वहीं, इसी ग्रुप की एक और कंपनी Inox Green ने इसी तिमाही में ₹120 करोड़ की कुल आय (Total Income) और ₹28 करोड़ का PAT रिपोर्ट किया है।

क्या है खास?

कंपनी ने अपने मैनेजमेंट ने इस तिमाही में ₹1,306 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी दर्ज किया है। Inox Wind अब अपने ऑर्डर बुक में इक्विपमेंट सप्लाई के हिस्से को बढ़ाकर 75% करने की योजना बना रही है, जो कि पहले सिर्फ 50% था। इस बदलाव का मुख्य मकसद वर्किंग कैपिटल के ब्लॉकेज को कम करना और पेमेंट में होने वाली देरी से निपटना है।

Inox Green का बड़ा लक्ष्य

दूसरी ओर, Inox Green ने FY27 के लिए ₹600 करोड़ से ज़्यादा का EBITDA गाइडेंस दिया है। यह लक्ष्य हाल ही में एक्वायर किए गए ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) एसेट्स और वैल्यू-एडेड सर्विसेज़ से हासिल होने की उम्मीद है।

क्यों अहम है यह बदलाव?

Inox Wind का यह स्ट्रैटेजिक मूव कंपनी की वित्तीय सेहत को सुधारने के लिए बेहद ज़रूरी है। टर्नकी प्रोजेक्ट्स में फंसा वर्किंग कैपिटल अक्सर कंपनियों के लिए परेशानी का सबब बनता है। इक्विपमेंट सप्लाई पर ज़्यादा फोकस करने से कंपनी का कैश फ्लो (Cash Flow) बेहतर होगा। वहीं, Inox Green का EBITDA गाइडेंस निवेशकों के लिए एक अहम इंडिकेटर है।

आगे क्या?

अब निवेशकों की निगाहें Inox Wind के इस नए बिजनेस मॉडल पर टिकी रहेंगी। यह देखना होगा कि कंपनी कितनी जल्दी अपने ऑर्डर बुक को शिफ्ट कर पाती है और इक्विपमेंट सप्लाई से कितना फायदा उठा पाती है। Inox Green के लिए, एक्वायर्ड एसेट्स का सफल इंटीग्रेशन और EBITDA के टारगेट को पूरा करना अहम होगा।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.