इंफ्रा सेक्टर: ऑर्डर बुक की शानदार तस्वीर
इंफ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन कंपनियों के पास ऑर्डर्स का मजबूत अंबार लगा हुआ है, जो आने वाले कई सालों तक रेवेन्यू की अच्छी-खासी विजिबिलिटी का संकेत दे रहा है। 31 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, प्रमुख कंपनियों के पास बड़े ऑर्डर हैं:
- कالتारू प्रोजेक्ट्स (Kalpataru Projects): ₹65,457 करोड़
- अहलुवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स (Ahluwalia Contracts): ₹21,096 करोड़
- पीएसपी प्रोजेक्ट्स (PSP Projects): ₹13,447 करोड़
ग्रोथ का अनुमान और मैनेजमेंट का भरोसा
कंपनियों ने आने वाले सालों के लिए पॉजिटिव ग्रोथ का अनुमान जताया है:
- कالتारू प्रोजेक्ट्स का अनुमान है कि FY26-28E के बीच रेवेन्यू में 15% की CAGR ग्रोथ होगी। कंपनी FY27 में कम से कम ₹30,000 करोड़ के नए ऑर्डर्स आने की उम्मीद कर रही है। ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D), बिल्डिंग्स एंड फैक्टरीज (B&F), और ऑयल एंड गैस इसके प्रमुख फोकस एरिया रहेंगे।
- पीएसपी प्रोजेक्ट्स को FY26-28E के दौरान रेवेन्यू में 30% की जबरदस्त CAGR ग्रोथ की उम्मीद है। यह ग्रोथ अडानी ग्रुप के साथ होने वाले कामों सहित कई स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप से आएगी।
- अहलुवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स का लक्ष्य FY26-28E के दौरान 17% रेवेन्यू CAGR हासिल करना है। कंपनी का विशेष लक्ष्य FY27 में ₹8,000 करोड़ के नए ऑर्डर्स हासिल करना है।
अन्य सेक्टर्स की बात करें तो, टाइटन कंपनी (Titan Company) ने FY30 तक रिटेल मार्केट में 8-9% CAGR ग्रोथ का अपना आउटलुक बरकरार रखा है।
ऑपरेशनल डेवलपमेंट
कई कंपनियों ने अपने ऑपरेशनल अपडेट्स भी दिए हैं:
- वोकहार्ट (Wockhardt) ने अगले दो सालों की एक स्ट्रैटेजी बताई है, जिसमें ग्रोथ को तेज करना, ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाना और AI का इंटीग्रेशन शामिल है। इसके तहत Zaynich को ग्लोबली लॉन्च किया जाएगा और Miqnaf की पहुंच को बढ़ाया जाएगा।
- सीजी पावर (CG Power) ने नासिक में एक नई एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (EHV) स्विचगियर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन किया है।
- जुपिटर होटल्स (Juniper Hotels) ने जुपिटर हॉस्पिटैलिटी एसेट्स (Juniper Hospitality Assets) में 100% हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है, और नई दिल्ली में एक फाइव-स्टार होटल खोलने की योजना है।
- प्रीमियर एनर्जीज (Premier Energies) को वुड मैकेंजी (Wood Mackenzie) की 2026 ग्लोबल सोलर पीवी मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर रैंकिंग में 'ग्रेड ए' मैन्युफैक्चरर के तौर पर पहचान मिली है।
मार्केट का संदर्भ
होरमुज जलडमरूमध्य के पास वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव डिफेंसिव मार्केट पैटर्न को प्रभावित कर रहा है। 4 जून 2026 को फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने ₹4,476 करोड़ की बिकवाली की, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने ₹3,986 करोड़ की खरीदारी की।
चिंताएं और ध्यान देने योग्य बातें
इस सेक्टर के लिए कुछ संभावित चुनौतियां भी हैं:
- लेबर की कमी: अहलुवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स ने चुनाव और फेस्टिवल्स के कारण Q1FY27 में धीमी शुरुआत का जिक्र किया है, और उम्मीद है कि Q2FY27 से काम में तेजी आएगी।
- मार्जिन पर दबाव: पीएसपी प्रोजेक्ट्स ने नए लेबर कानूनों से संबंधित कर्मचारी लाभों के लिए एक बार के प्रोविजन के कारण EBITDA मार्जिन पर असर की सूचना दी है।
निवेशक यह जान लें: मजबूत ऑर्डर बुक अच्छी विजिबिलिटी दे रही है, लेकिन लेबर और मार्जिन से जुड़ी समस्याओं पर नजर रखनी होगी।
