Infra Industries Limited ने अपनी 37वीं सालाना आम बैठक (AGM) का ऐलान कर दिया है, जो **24 सितंबर 2026** को होगी। कंपनी अपना बिजनेस मॉडल बदलने की तैयारी में है और अब लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और सप्लाई चेन मैनेजमेंट के क्षेत्र में उतरना चाहती है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
कंपनी अपनी विकास की गति को तेज करने के लिए अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव करने जा रही है। इसका मुख्य मकसद फ्रेट फॉरवर्डिंग, शिपिंग और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में कदम रखना है। इस रणनीतिक बदलाव की देखरेख के लिए कंपनी नए नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के तौर पर Mr. Avesh Dhelawat और Mr. Manish B. Jain की नियुक्ति पर भी वोटिंग कराएगी।
फाइनेंशियल सेहत पर नजर
कंपनी के हालिया फाइनेंशियल ईयर (FY26) के आंकड़े मिले-जुले रहे हैं। जहां कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹2.33 करोड़ हो गया है (जो पिछले साल ₹1.23 करोड़ था), वहीं नेट लॉस कम होकर ₹1.71 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले साल यह ₹2.17 करोड़ था।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to watch)
सावधानी बरतने वाली बात यह है कि इंडिपेंडेंट ऑडिटर ने कंपनी के इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स को लेकर 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' जारी किया है। हालांकि कंपनी इसे प्रशासनिक देरी बता रही है, लेकिन कॉरपोरेट गवर्नेंस के नजरिए से निवेशकों को इस पर कड़ी नजर रखनी होगी। अब देखना यह है कि क्या कंपनी लॉजिस्टिक्स जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में अपने मौजूदा वित्तीय दबावों के बावजूद सफल हो पाती है या नहीं।
