Infinity Infoway: शानदार 80% रेवेन्यू ग्रोथ! कंपनी ने मांगे ₹100 करोड़ उधार, जानें वजह

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Infinity Infoway: शानदार 80% रेवेन्यू ग्रोथ! कंपनी ने मांगे ₹100 करोड़ उधार, जानें वजह

Infinity Infoway ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 80% से ज़्यादा बढ़कर ₹23.77 करोड़ हो गया है, जबकि मुनाफे में भी 60% का उछाल आया है। साथ ही, कंपनी शेयरधारकों से ₹100 करोड़ तक का कर्ज़ लेने की मंज़ूरी मांगने जा रही है।

Infinity Infoway के शानदार नतीजे!

Infinity Infoway लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में 80.18% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है, जो ₹23.77 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) में भी 59.96% का शानदार उछाल आया है और यह ₹7.01 करोड़ दर्ज किया गया है।

कंपनी क्यों मांग रही है ₹100 करोड़?

इन बेहतरीन नतीजों के साथ ही, Infinity Infoway अपने शेयरधारकों से महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट एक्शन्स (Corporate Actions) के लिए मंज़ूरी मांगने जा रही है। इसमें सबसे अहम है ₹100 करोड़ तक का उधार लेने की इजाज़त और उतनी ही राशि की संपत्ति को गिरवी रखने का अधिकार। माना जा रहा है कि कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं (Expansion Plans) को ज़मीन पर उतारने के लिए इस पूंजी का इस्तेमाल करेगी।

IPO के बाद कंपनी का मजबूत प्रदर्शन

यह कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, खासकर अपने IPO के बाद। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का रेवेन्यू जहां ₹13.19 करोड़ था, वहीं इस साल यह लगभग दोगुना होकर ₹23.77 करोड़ हो गया है। यह दिखाता है कि कंपनी अपने ऑपरेशन्स (Operations) को सफलतापूर्वक बढ़ाने में कामयाब रही है।

शेयरधारकों के लिए अहम फैसले

इन मुख्य फैसलों के अलावा, कंपनी अपनी ESOP योजना (Employee Stock Option Plan) में संशोधन और संबंधित पार्टियों के साथ बड़े लेन-देन (Material Related Party Transactions) के लिए भी मंज़ूरी लेगी।

किन बातों पर रखनी होगी नज़र?

निवेशकों को कंपनी के प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों (Key Managerial Personnel) के पारिश्रमिक (Remuneration) की संरचना पर खास ध्यान देना चाहिए। इसमें ऐसे प्रावधान भी शामिल हैं जिनके तहत कम मुनाफे वाले सालों में भी भुगतान किया जा सकता है। साथ ही, संबंधित पार्टियों के साथ ₹15 करोड़ तक के लेन-देन की सीमा पर भी नज़र रखनी होगी, जो कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) के लिहाज़ से महत्वपूर्ण है।

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