Indo Gulf Industries के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी को **₹41.65 लाख** का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी ने **₹653.58 लाख** का मुनाफा कमाया था। कमजोर डिमांड और बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच कंपनी अब बड़े लीडरशिप बदलाव की तैयारी कर रही है।
बिगड़ते फाइनेंशियल नंबर
कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹247.02 करोड़ से घटकर इस बार ₹219.35 करोड़ रह गया है। ऑपरेशनल प्रेशर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि EBITDA में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो ₹12.02 करोड़ से गिरकर सिर्फ ₹4.16 करोड़ पर आ गया है।
ऑपरेशंस में उतार-चढ़ाव
कंपनी का परफॉर्मेंस मिला-जुला रहा है। जहां डिमांड घटने की वजह से क्लास-2 एक्सप्लोसिव्स का प्रोडक्शन 13.35% गिरकर 32,989 MT रहा, वहीं डिटोनेटिंग कॉर्ड (Detonating Cord) का प्रोडक्शन 36.60% उछलकर 144.16 मिलियन मीटर तक पहुंच गया। इसके अलावा, PETN का प्रोडक्शन भी 139.33% की बढ़त के साथ 1,397 MT रहा।
नेतृत्व में बड़ा बदलाव
कंपनी ने अर्जुन सिंह भंडारी को एडिशनल डायरेक्टर नियुक्त किया है। वे 30 सितंबर, 2026 से मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के रूप में कार्यभार संभालेंगे, जिनका कार्यकाल 5 साल का होगा।
कानूनी और रेगुलेटरी पेंच
कंपनी को BSE द्वारा 'SDD-non-compliant' घोषित किया गया है। अच्छी खबर यह है कि 'Karvy Scam' के दौरान गिरवी रखे गए शेयर अब रिलीज कर दिए गए हैं। फिलहाल कंपनी कुछ टैक्स लिटिगेशन और 'गणेश एक्सप्लोसिव्स' व 'राजेश एक्सप्लोसिव्स' के साथ ट्रांजैक्शंस को लेकर प्रक्रिया में है, जिन पर शेयरहोल्डर्स की नजर बनी हुई है।
