Indian Card Clothing का नेट प्रॉफिट FY26 में गिरकर **₹4.20 करोड़** रह गया है, जो पिछले साल **₹91.85 करोड़** था। एसेट सेल से होने वाली कमाई बंद होने और ऑडिट में खामियां मिलने से कंपनी मुश्किलों में है, साथ ही CFO संजीवकुमार करकमकर ने भी इस्तीफा दे दिया है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट की वजह
कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति में आई यह गिरावट मुख्य रूप से पिछले साल की तुलना में एक्सेप्शनल इनकम (asset sale gains) न होने के कारण है। कंपनी का टोटल रेवेन्यू भी घटकर ₹57.23 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹79.95 करोड़ था। इस साल कंपनी ने किसी भी तरह के डिविडेंड का ऐलान नहीं किया है।
गवर्नेंस और कंप्लायंस पर सवाल
कंपनी के ऑडिटर्स P.G. Bhagwat LLP ने कंपनी की एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, सॉफ्टवेयर में 'ऑडिट ट्रेल' (edit log) का फीचर गायब था, जो नियमों के तहत अनिवार्य है। यह इंटरनल कंट्रोल और रिकॉर्ड्स की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है।
मैनेजमेंट में बदलाव और भविष्य की रणनीति
संजीवकुमार करकमकर, जो एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CFO दोनों पदों पर थे, उन्होंने 1 सितंबर, 2026 को इस्तीफा दे दिया है। इन चुनौतियों के बीच कंपनी अपने यूके सब्सिडियरी 'Garnett Wire Ltd' में £250,000 का निवेश कर रही है और हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में 0.56 MW का सोलर पावर प्लांट शुरू किया है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
अब निवेशकों की नजर मुंबई NCLT की कार्यवाही पर है, जहां कंपनी अपने शेयर की वैल्यू ₹10 से बढ़ाकर ₹2,000 करने की प्रक्रिया में है। इसके अलावा, ऑडिट कंप्लायंस की दिक्कतों को कंपनी कैसे सुलझाती है, यह देखना अहम होगा।
