India Glycols के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी के बायोफार्मा (Biopharma) और स्पिरिट्स (Spirits) व बायोफ्यूल (Biofuel) कारोबार को अलग करने की योजना को NCLT, इलाहाबाद बेंच ने हरी झंडी दे दी है। अब कंपनी के निवेशकों को नई कंपनियों Ennature Bio Pharma और IGL Spirits के शेयर मिलेंगे।
India Glycols का डी-मर्जर मंजूर
India Glycols Limited को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), इलाहाबाद बेंच से अपनी 'स्कीम ऑफ अरेंजमेंट' के लिए आखिरी न्यायिक मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के तहत, कंपनी अपने बायोफार्मा (Biopharma) और स्पिरिट्स व बायोफ्यूल (Spirits & Biofuel) के कारोबार को दो अलग कंपनियों में बांटेगी। ये नई कंपनियां होंगी - Ennature Bio Pharma Limited और IGL Spirits Limited।
क्या हुआ है?
NCLT, इलाहाबाद बेंच ने 17 जुलाई, 2026 को India Glycols की इस स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दी। यह स्कीम 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी, जिसके बाद कंपनी के बायोफार्मा और स्पिरिट्स व बायोफ्यूल सेगमेंट अलग-अलग कंपनियों के तौर पर काम करेंगे।
क्यों है यह अहम?
NCLT की यह मंजूरी डी-मर्जर की आखिरी कानूनी प्रक्रिया है। इससे कंपनी का कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर बदलेगा। अलग-अलग फोकस वाली कंपनियां बनेंगी और मौजूदा India Glycols के शेयरधारकों को इन नई कंपनियों के शेयर मिलेंगे। इससे हर सेगमेंट में वैल्यू अनलॉक होने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) बढ़ने की उम्मीद है।
पूरी कहानी
India Glycols अपनी विभिन्न व्यावसायिक इकाइयों को अलग करने के लिए काफी समय से इस पुनर्गठन (Restructuring) पर काम कर रही थी। कंपनी ने असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए ₹27,890 की एक छोटी इनकम टैक्स डिमांड को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया है। इसमें ₹20,976 का इक्वलाइजेशन लेवी (Equalisation Levy) और ₹6,914 का ब्याज शामिल था, जिसका भुगतान कंपनी कर चुकी है।
अब क्या बदलेगा?
स्कीम प्रभावी होने के बाद, India Glycols के शेयरधारकों को नई कंपनियों में शेयर मिलेंगे। India Glycols के हर तीन इक्विटी शेयर के बदले, शेयरधारकों को Ennature Bio Pharma Limited का एक इक्विटी शेयर (फेस वैल्यू ₹5) मिलेगा। वहीं, India Glycols के हर एक इक्विटी शेयर के बदले, शेयरधारकों को IGL Spirits Limited का एक इक्विटी शेयर (फेस वैल्यू ₹5) मिलेगा। इस स्कीम में किसी भी तरह के डेट रीस्ट्रक्चरिंग (Debt Restructuring) या पेड-अप कैपिटल (Paid-up Capital) में कमी का प्रावधान नहीं है।
जोखिम
शेयरधारकों को स्कीम की 'इफेक्टिव डेट' (Effective Date) के बारे में कंपनी की घोषणाओं पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। जब तक यह प्रभावी नहीं हो जाती, तब तक डी-मर्जर आधिकारिक तौर पर लागू नहीं होगा। शेयर आवंटन अनुपात (Share Entitlement Ratio) में कोई भी देरी या बदलाव निवेशकों की भावना को प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या?
निवेशकों को India Glycols से 'इफेक्टिव डेट' की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए, जिससे शेयर आवंटन प्रक्रिया शुरू होगी। डी-मर्जर के बाद नई बनी Ennature Bio Pharma Limited और IGL Spirits Limited के प्रदर्शन पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण होगा।
