Indag Rubber ने FY26 में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा 47% बढ़कर ₹12.38 करोड़ हो गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने ₹1.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने का ऐलान किया है, जिससे कुल डिविडेंड ₹2.40 हो गया है। कंपनी की सब्सिडियरी को पहला बड़ा कमर्शियल ऑर्डर भी मिला है।
Indag Rubber की शानदार वापसी: FY26 में मुनाफे में 47% की भारी बढ़ोतरी
Indag Rubber Limited ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजों की घोषणा कर दी है, जिसमें कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में पिछले साल के ₹8.42 करोड़ की तुलना में 47% का जबरदस्त उछाल आया है, जो अब ₹12.38 करोड़ हो गया है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रति इक्विटी शेयर ₹1.50 का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
निवेशकों के लिए अच्छी खबर
कंपनी ने इस वित्तीय वर्ष में कुल ₹2.40 प्रति शेयर का डिविडेंड देने का ऐलान किया है, जिसमें पहले दिए गए ₹0.90 के अंतरिम डिविडेंड को भी शामिल किया गया है। इस साल कंपनी का रेवेन्यू और अन्य इनकम ₹224.81 करोड़ रहा। कंसोलिडेटेड बेस पर भी प्रॉफिट आफ्टर टैक्स बढ़कर ₹10.18 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹6.53 करोड़ था।
क्यों है यह अहम?
कंपनी का बेहतर मुनाफा ऑपरेशनल रिकवरी, कच्चे माल की कीमतों में नरमी और प्रोडक्ट मिक्स में सुधार का नतीजा है। EBITDA मार्जिन भी FY25 के 7% से बढ़कर FY26 में 10% हो गया। एक और बड़ी खबर यह है कि कंपनी की सब्सिडियरी, Millenium Manufacturing Systems, जिसने पावर इलेक्ट्रॉनिक्स (रिन्यूएबल एनर्जी और BESS के लिए) पर फोकस किया है, को अपना पहला कमर्शियल ऑर्डर मिल गया है। यह कंपनी के लिए एक नया ग्रोथ इंजन साबित हो सकता है।
क्या है बैकस्टोरी?
Indag Rubber के मैनेजमेंट ने FY25-26 को 'ऑपरेशनल रिकवरी का साल' बताया है। यह कंपनी मुख्य रूप से टायर रिट्रेडिंग बिजनेस के लिए जानी जाती है। वहीं, इसकी सब्सिडियरी Millenium Manufacturing Systems प्राइवेट लिमिटेड पावर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर काम कर रही है।
अब क्या बदलेगा?
वित्तीय प्रदर्शन में सुधार और सब्सिडियरी के कमर्शियल ऑपरेशंस में कदम रखने से भविष्य में ग्रोथ की उम्मीद बढ़ी है। शेयरधारकों को FY26 के लिए कुल ₹2.40 प्रति शेयर का डिविडेंड मिलेगा। फाइनल डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 05 अगस्त, 2026 तय की गई है।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, खासकर क्रूड ऑयल और नेचुरल रबर से जुड़े दामों में, मार्जिन पर असर डाल सकता है। STU (स्टेट ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग्स) टेंडर बिजनेस में कड़ी प्रतिस्पर्धा और L1 बिड्स के कारण प्राइसिंग प्रेशर बना रह सकता है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को Millenium Manufacturing Systems के कमर्शियल ऑपरेशंस के स्केल-अप पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी कच्चे माल की कीमतों के उतार-चढ़ाव को कैसे मैनेज करती है, यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा। STU टेंडर बिजनेस का प्रदर्शन भी एक अहम इंडिकेटर रहेगा।
