Impex Ferro Tech: ₹630 करोड़ के अनरिकॉर्डेड ब्याज और शून्य रेवेन्यू के साथ दिवालियापन से जूझ रही कंपनी
Impex Ferro Tech Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ऑपरेशन से शून्य रेवेन्यू (Revenue) और ₹6.43 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। कंपनी की वित्तीय स्थिति पर ऑडिटर्स की एक क्वालिफाइड ओपिनियन (Qualified Opinion) और चल रही कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के कारण गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
**क्या हुआ है?
कंपनी ने ₹6.43 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) दिखाया है, वहीं नेट वर्थ (Net Worth) ₹321.64 करोड़ निगेटिव है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ऑडिटर ने कंपनी की उधारी पर ₹630.20 करोड़ के संचित ब्याज व्यय को अनरिकॉर्डेड (Unrecorded) बताया है। इसके अलावा, कुछ बैलेंस (Balances) की रिकवरेबिलिटी (Recoverability) और देनदारों व एडवांसेस (Payables and Customer Advances) के साथ मिलान (Reconciliation) में भी दिक्कतें बताई गई हैं।
**यह क्यों मायने रखता है?
ऑडिटर की यह रिपोर्ट और भारी-भरकम अनरिकॉर्डेड ब्याज देनदारी कंपनी की वित्तीय सेहत पर गंभीर संदेह पैदा करती है। शून्य रेवेन्यू और मई 2024 से चल रही CIRP प्रक्रिया के साथ, कंपनी का भविष्य लेनदारों (Creditors) और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा अनुमोदित रेजोल्यूशन प्लान (Resolution Plan) पर टिका है। निगेटिव नेट वर्थ (Net Worth) और ऑडिटर की गोइंग कंसर्न (Going Concern) पर अनिश्चितता की चेतावनी शेयरधारकों के मूल्य में भारी गिरावट का संकेत देती है।
**पर्दे के पीछे की कहानी
Impex Ferro Tech की पश्चिम बंगाल के कल्यानेश्वरी स्थित फैक्ट्री में अक्टूबर 2022 से बिजली कनेक्शन कटने के कारण उत्पादन बंद है। इस ऑपरेशनल हॉल्ट (Operational Halt) के कारण ही FY26 में शून्य रेवेन्यू दर्ज हुआ, जो FY25 के ₹0.208 करोड़ से काफी कम है। कंपनी 2 मई 2024 से CIRP के तहत है, और इसके बोर्ड की शक्तियां निलंबित कर दी गई हैं।
**अब क्या बदलेगा?
चूंकि कंपनी CIRP के तहत है, इसलिए रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (Resolution Professional), श्री अशोक कुमार सरवागी, इसके मामलों को संभाल रहे हैं। सारा ध्यान अब इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस पर केंद्रित है। लेनदारों ने बुक वैल्यू (Book Figures) से अधिक के दावे पेश किए हैं, और रेजोल्यूशन प्लान ही कंपनी के भविष्य और हितधारकों (Stakeholders) के लिए संभावित रिकवरी (Recovery) का निर्धारण करेगा।
**जोखिम क्या हैं?
मुख्य जोखिमों में देनदारियों (Liabilities) का अंतिम निर्धारण, रेजोल्यूशन प्लान की व्यवहार्यता (Feasibility) और गोइंग कंसर्न स्टेटस (Going Concern Status) के बारे में ऑडिटर की पहचानी गई अनिश्चितताएं शामिल हैं। फिक्स्ड एसेट्स (Fixed Assets), प्लांट और मशीनरी के लिए बीमा कवरेज (Insurance Coverage) का न होना, जो जून 2023 में समाप्त हो गया था, एक और जोखिम जोड़ता है।
**संदर्भ मेट्रिक्स (समय-आधारित)
- ऑपरेशन से रेवेन्यू (FY26): ₹0.00 (FY25 में ₹0.208 करोड़ की तुलना में)
- नेट लॉस (FY26): ₹6.43 करोड़ (FY25 में ₹7.07 करोड़ की तुलना में)
- नेट वर्थ (FY26): ₹-321.64 करोड़
- CIRP की शुरुआत: 2 मई 2024
- ऑपरेशंस बंद: अक्टूबर 2022 से
**आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को NCLT से CIRP प्रक्रिया, रेजोल्यूशन प्लान की प्रगति और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा किसी भी आगे की खुलासों (Disclosures) पर अपडेट की निगरानी करनी चाहिए। लेनदारों के दावों का परिणाम और प्रस्तावित रेजोल्यूशन रणनीति महत्वपूर्ण होगी।
