ISGEC Heavy Engineering ने ₹6 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। कंपनी ने Q1 FY27 के लिए स्टैंडअलोन ₹1,553.04 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) और ₹92.02 करोड़ का मुनाफा (Profit) दर्ज किया। वहीं, कंसोलिडेटेड (Consolidated) रेवेन्यू ₹1,980 करोड़ रहा, लेकिन मुनाफा घटकर ₹17.50 करोड़ रह गया।
ISGEC Heavy Engineering के Q1 FY27 नतीजे और डिविडेंड की सिफारिश
ISGEC Heavy Engineering ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹1,553.04 करोड़ का रेवेन्यू और ₹92.02 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है। वहीं, कंसोलिडेटेड आधार पर रेवेन्यू ₹1,980.00 करोड़ रहा, लेकिन मुनाफा घटकर ₹17.50 करोड़ पर आ गया।
**क्या है खास?
- डिविडेंड: कंपनी के डायरेक्टर्स बोर्ड ने ₹6 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड की सिफारिश की है। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 21 सितंबर 2026 तय की गई है, और AGM 28 सितंबर 2026 को होगी।
- शेयरों की बिक्री: ISGEC Heavy Engineering ने SFW Isgec Energy Private Limited में अपनी हिस्सेदारी 51% से घटाकर 26% कर दी है। यह डील 25 जून 2026 को हुई, जिसके बाद यह कंपनी अब एसोसिएट (Associate) के तौर पर वर्गीकृत होगी। इस ट्रांजेक्शन से कंपनी को स्टैंडअलोन आधार पर ₹3.50 करोड़ और कंसोलिडेटेड आधार पर ₹3.73 करोड़ का फायदा हुआ है।
निवेशकों के लिए मायने
बोर्ड द्वारा ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश शेयरधारकों के लिए एक सकारात्मक खबर है। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में कंसोलिडेटेड मुनाफे में आई बड़ी गिरावट पर निवेशकों को ध्यान देना होगा। SFW Isgec Energy Private Limited के एसोसिएट में बदले जाने से कंपनी के ग्रुप ऑपरेशंस में बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव आया है।
पिछली तिमाही का हाल
पिछली तिमाही (Q4 FY26) में ISGEC Heavy Engineering का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹1,674.80 करोड़ और मुनाफा ₹100.62 करोड़ था। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,048.28 करोड़ और मुनाफा ₹84.97 करोड़ था। इससे पता चलता है कि इस तिमाही में स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड, दोनों ही स्तर पर प्रॉफिट में कमी आई है।
आगे क्या?
शेयरधारक AGM में मंजूरी मिलने पर ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड के हकदार होंगे। हिस्सेदारी कम होने का मतलब है कि SFW Isgec Energy Private Limited अब सब्सिडियरी (Subsidiary) की जगह एसोसिएट के तौर पर अकाउंट होगी, जिसका असर भविष्य में उसके फाइनेंशियल की कंसोलिडेशन और कंपनी के मुनाफे में उसके हिस्से पर पड़ेगा।
जोखिम पर नजर
कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) की रिपोर्ट में कहा गया है कि 17 सब्सिडियरी कंपनियों के अंतरिम वित्तीय नतीजों की उन्होंने समीक्षा नहीं की है। इन कंपनियों का रेवेन्यू ₹158.86 करोड़ रहा और इन्होंने ₹85.07 करोड़ का घाटा दर्ज किया। ग्रुप के इन अन-रिव्यूड (Unreviewed) परफॉर्मेंस के लिए दूसरे ऑडिटर पर निर्भरता निवेशकों के लिए एक अहम जोखिम का पहलू है।
पिछले साल से तुलना (Year-on-Year)
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू: Q1 FY27 में ₹1,553.04 करोड़ रहा, जो Q1 FY26 के ₹983.80 करोड़ से काफी ज्यादा है।
- स्टैंडअलोन मुनाफा: Q1 FY27 में ₹92.02 करोड़ रहा, जो Q1 FY26 के ₹86.59 करोड़ से बढ़ा है।
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: Q1 FY27 में ₹1,980.00 करोड़ रहा, जो Q1 FY26 के ₹1,356.33 करोड़ से काफी बढ़ा है।
- कंसोलिडेटेड मुनाफा: Q1 FY27 में ₹17.50 करोड़ रहा, जो Q1 FY26 के ₹13.31 करोड़ से काफी बढ़ा है।
सालाना आधार पर, स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड, दोनों रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ दिखी है। स्टैंडअलोन मुनाफे में भी बढ़त हुई है, जबकि कंसोलिडेटेड मुनाफा ₹13.31 करोड़ से बढ़कर ₹17.50 करोड़ हो गया है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को कंपनी के सेग्मेंटल परफॉर्मेंस पर नजर रखनी चाहिए, खासकर 'Manufacturing of Machinery & Equipment' और 'Industrial Projects' सेगमेंट्स पर, क्योंकि मैनेजमेंट ने नतीजों में तिमाही अस्थिरता की आशंका जताई है। इसके अलावा, अन-रिव्यूड सब्सिडियरी फाइनेंशियल्स और एसोसिएट के तौर पर SFW Isgec Energy Private Limited के प्रदर्शन पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
