ISGEC Heavy Engineering ने सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट **40%** बढ़कर **₹118.14 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुनाफे की रफ्तार
कंपनी के लिए यह तिमाही काफी दमदार रही है। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू बढ़कर ₹1,456.58 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹1,243.13 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹84.37 करोड़ से बढ़कर ₹118.14 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। इस दौरान कंपनी का बेसिक EPS (अर्निंग पर शेयर) ₹16.06 रहा है।
अकाउंटिंग बदलाव का असर
निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों पर एक विशेष अकाउंटिंग बदलाव का असर दिखा है। एक विदेशी सब्सिडियरी में डेप्रिसिएशन (Depreciation) की गणना के लिए WDV के बजाय SLM मेथड अपनाने से कंपनी के कंसोलिडेटेड प्री-टैक्स प्रॉफिट में ₹28.41 करोड़ का इजाफा हुआ है।
गवर्नेंस और रणनीति
कंपनी ने अपनी 'Policy for Determination of Materiality of Events' को SEBI के नए नियमों के साथ अपडेट किया है। इसके अलावा, SFW Isgec Energy Private Limited में अपनी हिस्सेदारी 51% से घटाकर 26% करने के बाद अब इसे सब्सिडियरी के बजाय एसोसिएट कंपनी के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
