IRCON International के नतीजों में मिले-जुले संकेत देखने को मिले हैं। कंपनी का Q2 FY27 कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट गिरकर **₹100.34 करोड़** रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा काफी अधिक था। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले बेहतर रहा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
कंपनी ने सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो IRCON का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹121.92 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹184.67 करोड़ था। वहीं, कंसोलिडेटेड लेवल पर कंपनी का मुनाफा ₹100.34 करोड़ पर सिमट गया है, जो पिछले साल ₹136.51 करोड़ था। हालांकि, टॉप-लाइन (रेवेन्यू) में सुधार है: स्टैंडअलोन रेवेन्यू बढ़कर ₹2,090.24 करोड़ और कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,271.66 करोड़ पहुंच गया है।
रेगुलेटरी एक्शन और जुर्माने का सच
नतीजों के साथ ही कंपनी ने NSE और BSE द्वारा लगाए गए जुर्माने पर भी स्थिति साफ की है। जून 2026 की तिमाही में बोर्ड की संरचना में नियमों के पालन न होने के कारण यह जुर्माना लगा था। कंपनी का कहना है कि वे एक सरकारी उपक्रम हैं, जहां डायरेक्टर की नियुक्ति रेल मंत्रालय द्वारा होती है, इसलिए इसमें देरी हुई।
अब क्या है अपडेट?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अब वे SEBI के नियमों (LODR) का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। 17 अगस्त 2026 को एक इंडिपेंडेंट महिला डायरेक्टर की नियुक्ति के बाद अब ऑडिट कमेटी और नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी का पुनर्गठन कर लिया गया है, जिससे रेगुलेटरी अनुपालन की समस्या सुलझ गई है।
