IRB Infrastructure Developers ने IRB InvIT Fund के साथ **₹2,663 करोड़** का एक बड़ा एग्रीमेंट साइन किया है। इस **18 साल** लंबे कॉन्ट्रैक्ट से कंपनी को लंबे समय तक स्टेबल रेवेन्यू मिलता रहेगा।
बड़ी डील और प्रोजेक्ट का दायरा
IRB Infrastructure Developers Limited ने अब SYTL और CGTL हाईवे प्रोजेक्ट्स के मैनेजमेंट के लिए IRB InvIT Fund के साथ हाथ मिलाया है। इस डील की कुल वैल्यू ₹2,663 करोड़ है और यह 18 साल के लिए लागू रहेगी। कंपनी इन दोनों स्पेशल पर्पस व्हीकल्स (SPVs) के लिए प्रोजेक्ट मैनेजर की भूमिका निभाएगी।
रेवेन्यू में मिलेगी स्थिरता
यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के लिए एक फिक्स्ड-प्राइस एग्रीमेंट है, जो अगले 18 सालों तक कंपनी के लिए ऑपरेशनल रेवेन्यू को पूरी तरह सुरक्षित करता है। यह कदम कंपनी के उस बिजनेस मॉडल को और मजबूती देता है, जिसके तहत वह अपने स्पॉन्सर्ड InvIT प्लेटफॉर्म्स में एसेट्स को रोटेट करती रहती है।
SEBI नियमों का पालन
निवेशकों के मन में उठने वाले कन्फ्यूजन को दूर करते हुए कंपनी ने साफ कर दिया है कि यह कोई 'रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन' नहीं है। इस पूरी डील को SEBI की गाइडलाइन्स और लिस्टिंग रेगुलेशंस के दायरे में रहकर स्ट्रक्चर किया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और हितों का टकराव न हो।
किन प्रोजेक्ट्स पर रहेगा फोकस?
इस एग्रीमेंट में दो प्रमुख हाईवे शामिल हैं:
- Solapur to Yedeshi (NH-211): महाराष्ट्र में 98.717 किमी का फोर-लेनिंग प्रोजेक्ट।
- Kishangarh-Udaipur-Ahmedabad (NH-79): राजस्थान में सिक्स-लेनिंग का बड़ा प्रोजेक्ट।
