INOX India Q1 FY27: ₹382 करोड़ की कमाई, ₹1,686 करोड़ का रिकॉर्ड ऑर्डर बुक

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
INOX India Q1 FY27: ₹382 करोड़ की कमाई, ₹1,686 करोड़ का रिकॉर्ड ऑर्डर बुक

INOX India ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में ₹382 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **8.3%** ज्यादा है। हालांकि, लॉजिस्टिक्स की दिक्कतों के चलते कंपनी ₹32-35 करोड़ के उपकरणों की शिपमेंट नहीं कर पाई। इसके बावजूद, INOX India ने अपना रिकॉर्ड ऑर्डर बुक **₹1,686 करोड़** पर बनाए रखा है, जिसमें **₹1,140 करोड़** से अधिक का एक्सपोर्ट ऑर्डर शामिल है। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) **₹61 करोड़** रहा।

INOX India के Q1 FY27 नतीजे

INOX India ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस अवधि में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹382 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 8.3% की बढ़ोतरी दर्शाता है। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹61 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, आय, ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन (EBITDA) ₹90 करोड़ रहा, जिससे 23.5% का EBITDA मार्जिन मिला।

क्यों मायने रखती है ये खबर?

कंपनी को लॉजिस्टिक्स की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण ₹32 करोड़ से ₹35 करोड़ के मूल्य के उपकरणों की शिपमेंट रुकी रही। इन दिक्कतों के बावजूद, रेवेन्यू में 8.3% की वृद्धि यह दर्शाती है कि मांग मजबूत बनी हुई है। कंपनी की ₹1,686 करोड़ की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक, जो 30 जून 2026 तक की है, आने वाली तिमाहियों के लिए मजबूत रेवेन्यू की दृश्यता प्रदान करती है। इस ऑर्डर बुक में ₹1,140 करोड़ से अधिक का हिस्सा एक्सपोर्ट का है। कंपनी का एयरोस्पेस कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर उपकरणों जैसे नए सेगमेंट्स में विस्तार भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है।

कंपनी की पृष्ठभूमि

INOX India, जिसे पहले INOX India Limited के नाम से जाना जाता था, क्रायोजेनिक टैंक और उपकरणों की एक प्रमुख निर्माता है। कंपनी लगातार अपने उत्पाद पोर्टफोलियो और वैश्विक पहुंच का विस्तार कर रही है। हाल ही में, कंपनी ने एयरोस्पेस के लिए AS9100D गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त किया है और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए स्किल डेवलपमेंट में निवेश किया है।

आगे क्या?

कंपनी के प्रबंधन ने साल के लिए 18-20% की ग्रोथ गाइडेंस को दोहराया है, जो मौजूदा लॉजिस्टिक्स बाधाओं से निपटने के उनके विश्वास को दर्शाता है। अब कंपनी का ध्यान शिपमेंट को सामान्य करने और बड़े ऑर्डर बैकलॉग को रेवेन्यू में बदलने पर रहेगा। एयरोस्पेस और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में रणनीतिक पहलों से भविष्य में ग्रोथ की उम्मीद है।

जोखिम

मुख्य जोखिमों में लॉजिस्टिक्स की निरंतर बाधाएं शामिल हैं, जैसे कि फ्रेट रेट में उतार-चढ़ाव और जहाजों की उपलब्धता, जो रेवेन्यू रिकग्निशन के समय को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा, ग्राहक की मंजूरी और नियामक समय-सीमा के कारण कुछ बड़े प्रोजेक्ट में देरी हो सकती है।

अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े

  • कुल आय: ₹382 करोड़ (Q1 FY27)
  • कुल आय वृद्धि (YoY): 8.3%
  • EBITDA: ₹90 करोड़ (Q1 FY27)
  • EBITDA वृद्धि (YoY): 1.4%
  • प्रॉफिट आफ्टर टैक्स: ₹61 करोड़ (Q1 FY27)
  • कुल ऑर्डर बुक: ₹1,686 करोड़ (30 जून 2026 तक)
  • एक्सपोर्ट ऑर्डर बुक: > ₹1,140 करोड़ (30 जून 2026 तक)
  • फंड उपलब्धता: ₹331 करोड़

आगे क्या देखें?

निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में कंपनी की लॉजिस्टिक्स और शिपिंग ऑपरेशंस को सामान्य करने की क्षमता पर करीब से नजर रखनी चाहिए। ₹1,686 करोड़ की ऑर्डर बुक का रेवेन्यू में बदलना, विशेष रूप से एक्सपोर्ट सेगमेंट का, महत्वपूर्ण होगा। एयरोस्पेस और सेमीकंडक्टर सेगमेंट में प्रगति भी महत्वपूर्ण रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.