INOX India ने FY27 की पहली तिमाही (Q1) में ₹532 करोड़ के रिकॉर्ड ऑर्डर हासिल किए हैं। इससे कंपनी की कुल ऑर्डर बुक बढ़कर ₹1,686 करोड़ हो गई है। हालांकि, रेवेन्यू में 8.3% की बढ़ोतरी हुई, लेकिन नेट प्रॉफिट (PAT) में थोड़ी गिरावट आई है। कंपनी अब सेमीकंडक्टर और एयरोस्पेस जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार कर रही है।
INOX India ने Q1 FY27 में दर्ज की दमदार ऑर्डर इनफ्लो
INOX India ने वित वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में ₹532 करोड़ का रिकॉर्ड ऑर्डर इनफ्लो हासिल किया है, जिससे कंपनी की कुल ऑर्डर बुक अब ₹1,686 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी ने इस तिमाही में ₹370.79 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि (Q1 FY25) के ₹339.62 करोड़ की तुलना में 8.3% अधिक है।
हालांकि, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में थोड़ी कमी आई है। यह ₹58.07 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹61.12 करोड़ था। बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी घटकर ₹6.40 रह गया, जो पिछले साल ₹6.73 था।
यह क्यों मायने रखता है?
ऑर्डर इनफ्लो में यह बड़ी वृद्धि और मजबूत ऑर्डर बुक आने वाली तिमाहियों के लिए कंपनी के रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी सुनिश्चित करती है। कंपनी सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर और एयरोस्पेस जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर्स में विस्तार कर रही है। AS9100D सर्टिफिकेशन और WAYOUT के साथ मॉड्यूलर वॉटर माइक्रो-फैक्ट्रीज के लिए साझेदारी भविष्य में कंपनी के लिए नए अवसर खोल सकती है।
कंपनी का विस्तार
INOX India अपनी बाजार पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। इंडस्ट्रियल गैस डिवीजन, जो रेवेन्यू का 53% योगदान देता है, को स्पेस एक्सप्लोरेशन और एयरोस्पेस से बड़े ऑर्डर मिले हैं। LNG डिवीजन ( 22% ) फ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती रुचि से लाभान्वित हुआ है, जबकि क्रायो साइंटिफिक डिवीजन ( 20% ) ने उन्नत रिसर्च संस्थानों में प्रवेश किया है। इसी तिमाही में, कंपनी ने ट्रांसपोर्टेशन टैंक के लिए ऑर्डर प्राप्त करके सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में भी कदम रखा है।
आगे क्या?
कंपनी के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वह इन नए ऑर्डरों को, खासकर सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में, कितनी प्रभावी ढंग से पूरा करती है। AS9100D सर्टिफिकेशन से एयरोस्पेस में नए अवसर मिलने की उम्मीद है। WAYOUT के साथ सहयोग इंटीग्रेटेड सस्टेनेबल सॉल्यूशंस की ओर एक कदम दर्शाता है।
जोखिम पर नजर
निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता कंपनी का निर्यात पर अत्यधिक निर्भरता है, जो रिपोर्ट की गई तिमाही में कुल रेवेन्यू का 58% था। यह बाहरी कारकों पर कंपनी की संवेदनशीलता को बढ़ाता है, जैसे वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाएं। रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद PAT में आई मामूली गिरावट पर भी ध्यान देने की जरूरत है, जो मार्जिन मैनेजमेंट की ओर इशारा करती है।
