INDO-MIM Ltd ने वियतनाम में अपनी नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Wholly-owned subsidiary) खोलने का ऐलान किया है, जिसमें कंपनी **₹45 करोड़** का निवेश करेगी।
वियतनाम में क्यों निवेश कर रही कंपनी?
कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट ऑपरेशन्स को ग्लोबल स्तर पर मजबूत करना चाहती है। इस ₹45 करोड़ के निवेश का मुख्य उद्देश्य वियतनाम में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स, प्रोटोटाइप और स्पेशलाइज्ड इंजीनियरिंग पार्ट्स का निर्माण और असेंबली करना है। यह निवेश अगले 5 सालों में चरणों में किया जाएगा। हालांकि, इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के लिए अभी वियतनाम के अधिकारियों और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी का इंतजार है।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करते हुए कंपनी ने अपने तीन नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स - श्रीमती रजनी अनिल मिश्रा, श्रीमती मीरा शंकर और श्रीमती सुजिता करनाड को उनके दूसरे 5 साल के कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। यह नियुक्ति 30 मार्च 2027 से 29 मार्च 2032 तक के लिए होगी, जिसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी ली जा रही है।
नई इनसाइडर ट्रेडिंग पॉलिसी
रेगुलेटरी नियमों के साथ कदम मिलाते हुए, कंपनी ने अपनी इंटरनल इनसाइडर ट्रेडिंग पॉलिसी को भी अपडेट किया है। यह बदलाव SEBI के 2015 के नियमों के साथ पूरी तरह तालमेल बिठाने के लिए किए गए हैं, ताकि कंपनी में पारदर्शिता बनी रहे।
