IFGL Refractories ने मुकेश रावल को भारत में कंपनी के होल-टाइम डायरेक्टर और CEO के पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 16 अगस्त 2026 से 3 साल के लिए प्रभावी होगी। मुकेश रावल, जिनके पास 1983 से व्यापक अनुभव है और वे पहले US सब्सिडियरी के प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं, अब भारतीय ऑपरेशंस की कमान संभालेंगे।
IFGL Refractories में बड़ा फेरबदल: मुकेश रावल अब होंगे भारत के CEO
IFGL Refractories Limited ने अपने भारतीय ऑपरेशंस को मजबूती देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने श्री मुकेश हरशदराय रावल को भारत में अपना होल-टाइम डायरेक्टर और CEO नियुक्त करने का फैसला किया है। इस अहम नियुक्ति का कार्यकाल 3 साल का होगा, जो 16 अगस्त 2026 से शुरू होकर 15 अगस्त 2029 तक चलेगा। हालांकि, इस नियुक्ति को शेयरधारकों और केंद्र सरकार सहित आवश्यक मंज़ूरियां मिलना अभी बाकी है।
कौन हैं मुकेश रावल?
श्री रावल, जो भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं और जिन्होंने मेटलर्जी में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है, IFGL ग्रुप से 1983 से जुड़े हुए हैं। उनके पास रिफ्रेक्ट्रीज, आयरन और स्टील इंडस्ट्रीज में गहरा अनुभव है।
क्यों है यह नियुक्ति अहम?
यह एक रणनीतिक कदम है जो कंपनी के घरेलू कारोबार को एक ऐसे अनुभवी लीडरशिप के हाथ में सौंपता है, जिसके पास इंडस्ट्री की गहरी समझ है। इससे कंपनी को भारत में अपने कारोबार को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैकस्टोरी: अंतरराष्ट्रीय अनुभव
इससे पहले, श्री रावल कंपनी की अमेरिकी सब्सिडियरी, मोनो सिरेमिक्स इंक. (Mono Ceramics Inc.) के प्रेसिडेंट के तौर पर काम कर चुके हैं और उन्होंने अमेरिका महाद्वीप में कंपनी के ऑपरेशंस का नेतृत्व किया है। वे 15 अगस्त 2026 तक अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएंगे।
आगे क्या?
श्री रावल का अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व से भारतीय ऑपरेशंस की कमान संभालना, कंपनी के विकास के लिए उनके वैश्विक अनुभव का लाभ उठाने का एक प्रयास है।
ध्यान देने योग्य बातें
निवेशकों को इस बात पर नज़र रखनी चाहिए कि यह नियुक्ति शेयरधारकों और केंद्र सरकार की मंज़ूरी पर निर्भर है।
