Huhtamaki India ने Q3 के लिए **₹768.84 करोड़** के रेवेन्यू के साथ **₹29.73 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी फिलहाल अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को कंसोलिडेट कर रही है, जिसका असर नतीजों पर दिखा है।
मुनाफे में बदलाव की वजह
कंपनी ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने अन-ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। पिछले साल की समान तिमाही के ₹624.73 करोड़ के मुकाबले इस बार रेवेन्यू बढ़कर ₹768.84 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹36.77 करोड़ से घटकर ₹29.73 करोड़ रह गया। इसकी मुख्य वजह रीस्ट्रक्चरिंग से जुड़ा ₹9.6 करोड़ का एक्सेप्शनल चार्ज है।
ऑपरेशंस में बड़ा बदलाव
Huhtamaki India अपनी 'प्रेशर-सेंसिटिव लेबल्स' ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करने के लिए एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को बंद कर रही है। मैनेजमेंट का मानना है कि यह कदम लंबी अवधि में कंपनी की कॉम्पिटिटिवनेस को बढ़ाएगा। इसके अलावा, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2024 और 2025 से जुड़े डेप्रिसिएशन कैलकुलेशन की गलतियों को भी पूरी तरह ठीक कर लिया है।
आगे की राह
कंपनी ने 9 महीनों का अपना EBIT (एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले) 22% तक बढ़ाया है। निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि फैसिलिटी कंसोलिडेशन के बाद आने वाले क्वार्टर्स में मार्जिन में कितना सुधार आता है और कंपनी कच्चा माल महंगा होने के बावजूद अपने मार्जिन को कैसे प्रोटेक्ट करती है।
