Horizon Reclaim (India) Ltd ने फाइनेंशियल ईयर **2027** की पहली छमाही (H1) के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर **28.24%** बढ़कर **₹2,817.98 करोड़** पहुंच गया है, जिसके पीछे राजकोट में नई फैसिलिटी की शुरुआत और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का बेहतर प्रदर्शन मुख्य वजह है।
ग्रोथ की रफ्तार
कंपनी ने अपनी मैनेजमेंट एस्टिमेट्स जारी करते हुए बताया है कि इस छमाही में ₹2,817.98 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा कंपनी के सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल की सफलता को दर्शाता है। कंपनी अब वेस्ट टायर्स को पायरोलिसिस ऑयल, कार्बन चार और स्टील स्क्रैप जैसे वैल्यूएबल प्रोडक्ट्स में बदलने पर जोर दे रही है।
नई फैसिलिटी का असर
राजकोट (यूनिट-II) में हाल ही में शुरू हुई पायरोलिसिस ऑयल फैसिलिटी ने रेवेन्यू के नए रास्ते खोल दिए हैं। कमर्शियल सेल्स 20 जुलाई 2026 से शुरू होने के बाद, इस यूनिट की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 50% तक पहुंच गई है। वहीं, उत्तराखंड और गुजरात स्थित पुरानी यूनिट-I अपनी कुल क्षमता की 95% एफिशिएंसी के साथ काम कर रही है।
भविष्य की योजनाएं
19 जून 2026 को BSE SME पर लिस्ट होने के बाद, कंपनी ने ₹54.27 करोड़ जुटाए थे। इस पूंजी का उपयोग प्रोडक्शन को मौजूदा 59,700 MTPA से बढ़ाकर 86,800 MTPA करने के लिए किया जा रहा है। आने वाले समय में फुटवियर, ऑटोमोटिव और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से बढ़ रही मांग कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
