Horizon Reclaim (India) Ltd ने FY26 के लिए मजबूत आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹49.42 करोड़** और नेट प्रॉफिट **₹10.25 करोड़** पहुंच गया है। अब कंपनी अपना पूरा फोकस कैपेसिटी को **14,100 MTPA** से बढ़ाकर **88,800 MTPA** करने पर लगा रही है।
दमदार प्रदर्शन के पीछे की कहानी
Horizon Reclaim ने वित्त वर्ष 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने BSE SME लिस्टिंग के जरिए ₹54.27 करोड़ जुटाए थे, जिसका उपयोग अब इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में किया जा रहा है। जुलाई 2026 में राजकोट में पायरोलिसिस ऑयल फैसिलिटी शुरू होने से रेवेन्यू में 35% से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
बड़े बदलाव की तैयारी
कंपनी का बिजनेस मॉडल अब पूरी तरह से बदल रहा है। पहले कंपनी सिंगल-प्रोडक्ट पर निर्भर थी, लेकिन अब यह मल्टी-लोकेशन प्लेयर बनने की राह पर है। राजकोट यूनिट-II के बाद अब कंपनी का ध्यान हरिद्वार यूनिट-III पर है, जो मुख्य रूप से 'रिकलेम्ड रबर' प्रोडक्शन पर जोर देगी।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to Watch)
तेजी से हो रहे विस्तार के साथ ही कंपनी का कर्ज भी बढ़ा है।
- डेट-इक्विटी रेशियो (Debt-Equity Ratio): यह 0.69 से बढ़कर 1.44 हो गया है, जो भारी लोन पर निर्भरता दिखाता है।
- लिक्विडिटी: करंट रेशियो गिरकर 0.68 पर आ गया है, जो वर्किंग कैपिटल पर दबाव का संकेत है।
- कानूनी पेंच: जीएसटी फोरम में ₹8.51 लाख का एक छोटा टैक्स विवाद भी लंबित है।
आगे क्या देखना होगा?
अब सबकी नजरें 30 सितंबर 2026 को होने वाली 20वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि नई यूनिट्स की ऑपरेशनल एफिशिएंसी कैसी रहती है और कंपनी भविष्य में अपने कर्ज को कैसे कम करती है।
