Horizon Industrial Parks ने Q1 FY27 में **23%** की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो **₹200 करोड़** पर पहुंच गई है। हालांकि कंपनी को **₹12 करोड़** का घाटा हुआ है, लेकिन **₹116 करोड़** का प्रो-फॉर्मा कैश PAT कंपनी की मजबूती दिखा रहा है।
मुनाफे की राह पर कंपनी
कंपनी ने इस तिमाही में ₹200 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है, जबकि इसका EBITDA 36% बढ़कर ₹161 करोड़ रहा है। हालांकि कंपनी ने ₹12 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, लेकिन मैनेजमेंट का कहना है कि यह मुख्य रूप से डेप्रिसिएशन जैसे नॉन-कैश खर्चों की वजह से है। असल में, कंपनी का प्रो-फॉर्मा कैश PAT ₹116 करोड़ है, जो इसके ऑपरेशनल बिजनेस की मजबूती को दर्शाता है।
डेट में कटौती और भविष्य की योजना
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि कंपनी का नेट डेट घटकर ₹2,500 करोड़ रह गया है। ब्याज खर्चों में कमी के साथ, कंपनी का लक्ष्य FY27 की दूसरी या तीसरी तिमाही तक मुनाफे (Net Profit) में आना है।
तेजी से बढ़ रहा कारोबार
कंपनी ने इस तिमाही में 1.9 मिलियन वर्ग फीट जगह लीज पर दी है और 9 नए क्लाइंट्स जोड़े हैं। वर्तमान में इनका कुल पोर्टफोलियो 61 मिलियन वर्ग फीट तक फैला है। कंपनी अपने 'इन-सिटी' (In-City) लॉजिस्टिक्स पोर्टफोलियो पर बड़ा दांव लगा रही है, जिसका किराया आम पार्कों के मुकाबले 2.5 गुना से 3 गुना ज्यादा होता है। पुणे में कंपनी अपनी पहली 'इन-सिटी' डिलीवरी Q4 FY27 में करेगी।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factor)
फिलहाल, दिल्ली हाई कोर्ट में 13 वेयरहाउस टेंडर को लेकर एक कानूनी मामला चल रहा है। निवेशकों को इस पर बारीकी से नजर रखने की सलाह है, क्योंकि यह मामला आगे कंपनी के लिए अहम साबित हो सकता है।
