Hitachi Energy India ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए अपने ग्रुप एंटिटीज के साथ **₹6,000 करोड़** तक के मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (RPT) को मंजूरी देने के लिए पोस्टल बैलट की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ट्रांजेक्शन का विवरण
कंपनी के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए कुल ₹6,000 करोड़ के ट्रांजेक्शन का प्रस्ताव रखा है। इसमें मुख्य रूप से Hitachi Energy Sweden AB के लिए ₹2,800 करोड़, Hitachi Energy USA Inc के लिए ₹1,900 करोड़ और Hitachi Energy Ltd., Switzerland के लिए ₹1,300 करोड़ की सीमा तय की गई है। ये सभी सौदे कंपनी के ग्लोबल नेटवर्क का हिस्सा हैं।
क्यों है ये जरूरी?
मैनेजमेंट का कहना है कि इन सौदों में स्पेशलाइज्ड प्रोडक्ट्स, सिस्टम्स, स्पेयर्स और इंजीनियरिंग सर्विसेज की खरीद-बिक्री शामिल है। भारत में हाई-वोल्टेज, ग्रिड ऑटोमेशन और HVDC प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के लिए ग्रुप की प्रोप्राइटरी टेक्नोलॉजी और ग्लोबल रिसोर्सेज का होना बहुत जरूरी है, जिसे किसी बाहरी वेंडर से हासिल करना आसान नहीं है।
पारदर्शिता और रेगुलेटरी नियम
इन सौदों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कंपनी ने Deloitte Touche Tohmatsu India LLP से इंडिपेंडेंट सर्टिफिकेशन लिया है, जिसने पुष्टि की है कि ये ट्रांजेक्शन 'आर्म्स लेंथ' (Arm’s length) सिद्धांत के दायरे में हैं।
वोटिंग की जानकारी
शेयरहोल्डर्स 13 सितंबर 2026 से 12 अक्टूबर 2026 तक रिमोट ई-वोटिंग के जरिए अपनी राय दे सकते हैं। इसकी पात्रता के लिए रिकॉर्ड डेट 4 सितंबर 2026 तय की गई है। SEBI के नियमों के अनुसार, रिलेटेड पार्टीज इस वोटिंग प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकेंगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
