Hisar Metal Industries ने वितीय वर्ष 2025-26 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के कुल रेवेन्यू में **7.21%** का इजाफा हुआ है, जो **₹263.28 करोड़** तक पहुंच गया है। वहीं, कंपनी ने शेयरधारकों को **₹1 प्रति शेयर** के डिविडेंड की भी घोषणा की है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
Hisar Metal Industries ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वितीय वर्ष में ₹263.28 करोड़ का कुल रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष के ₹245.56 करोड़ की तुलना में 7.21% अधिक है। इसके साथ ही, कंपनी का आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (Profit After Tax) भी 6.29% बढ़कर ₹3.38 करोड़ हो गया है, जो पिछले वितीय वर्ष में ₹3.18 करोड़ था।
अहम बातें
यह वित्तीय प्रदर्शन दर्शाता है कि कंपनी टॉप-लाइन और बॉटम-लाइन दोनों में सकारात्मक रुझान बनाए हुए है। ₹1 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश शेयरधारकों के लिए सीधा रिटर्न सुनिश्चित करती है। कंपनी ने कोल्ड रोल्ड स्टेनलेस स्टील स्ट्रिप्स और स्टेनलेस स्टील ट्यूब्स और पाइप्स का उत्पादन 9,138 MT और बिक्री 9,144 MT पर स्थिर बनाए रखी है, जो कंपनी की परिचालन दक्षता को दर्शाता है।
पिछली स्थिति
पिछले वितीय वर्ष 2024-25 में, Hisar Metal Industries ने ₹245.56 करोड़ का कुल रेवेन्यू और ₹3.18 करोड़ का आफ्टर टैक्स प्रॉफिट दर्ज किया था। इस वर्ष के नतीजे इन आंकड़ों से बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
बोर्ड में बदलाव
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, ₹1 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके अलावा, बोर्ड में दो नए स्वतंत्र निदेशक, श्री मनीष जैन और श्री श्रेयास्कर चौधरी, नियुक्त किए गए हैं। वहीं, श्री राजेंद्र कुमार लीखा और श्री संजय कुमार जैन ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ऑडिटर की रिपोर्ट में कोई योग्यता नहीं है।
आगे के जोखिम
कंपनी के मैनेजमेंट ने उद्योग के कुछ बड़े जोखिमों पर प्रकाश डाला है, जिनमें चीनी स्टील निर्यात से कड़ी प्रतिस्पर्धा, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और उच्च ऊर्जा लागत शामिल हैं। वैश्विक स्टील बाजार के खंडित होने के कारण कंपनी सतर्क रुख बनाए हुए है।
भविष्य की योजनाएं
निवेशकों को कंपनी की इनपुट लागतों को प्रबंधित करने और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा का सामना करने की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए। इन चुनौतियों से निपटने में नए बोर्ड सदस्यों की प्रभावशीलता भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
