तिमाही नतीजों में शानदार वापसी
Hindusthan Insulators & Industries Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों में दमदार वापसी की है। कंपनी ने इस अवधि में ₹20.91 करोड़ का शुद्ध लाभ (Net Profit) कमाया है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹28.10 करोड़ का भारी नुकसान हुआ था। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from operations) में भी इजाफा देखने को मिला, जो Q4 FY26 में बढ़कर ₹108.15 करोड़ हो गया, जबकि Q4 FY25 में यह ₹83.32 करोड़ था।
सालाना नुकसान बढ़ा, वजह बनी सब्सिडियरी की बिक्री
तिमाही नतीजों में मजबूती के बावजूद, पूरे वित्तीय वर्ष 2026 के लिए कंपनी की तस्वीर मिली-जुली है। Hindusthan Insulators ने FY26 में ₹7.87 करोड़ का शुद्ध नुकसान दर्ज किया है, जो FY25 के ₹1.80 करोड़ के नुकसान से ज्यादा है। पूरे साल का रेवेन्यू हालांकि बढ़कर ₹338.54 करोड़ (FY26) हो गया, जो पिछले साल ₹272.79 करोड़ था।
2:1 बोनस और ₹0.50 डिविडेंड का ऐलान
वित्तीय नतीजों के साथ-साथ, कंपनी के बोर्ड ने दो बड़े कॉर्पोरेट एक्शन को मंजूरी दी है। शेयरधारकों को 2:1 के रेशियो में बोनस शेयर मिलेंगे, यानी हर एक शेयर पर दो अतिरिक्त शेयर दिए जाएंगे। इसके अलावा, ₹0.50 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड (Final Dividend) की भी सिफारिश की गई है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 19 जून, 2026 तय की गई है।
सब्सिडियरी के विनिवेश (Divestment) का असर
पूरे साल के बढ़े हुए नुकसान का एक बड़ा कारण ₹47.05 करोड़ का एक्सेप्शनल लॉस (Exceptional Loss) है। यह नुकसान FY26 में कंपनी की सब्सिडियरी, Hindusthan Speciality Chemicals Limited, की बिक्री से हुआ। इस डील से जुड़े इन्वेंट्री और वेंडर क्लेम्स को लेकर DCM Shriram के साथ बातचीत जारी है, जो भविष्य में कंपनी के लिए एक वित्तीय देनदारी बन सकती है।
आगे की राह और निवेशकों के लिए मुख्य बातें
निवेशक बोनस शेयरों से अपने शेयर होल्डिंग में बढ़ोतरी और डिविडेंड से सीधा कैश रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं। कंपनी के लिए अपनी तिमाही मुनाफावसूली बनाए रखना और सब्सिडियरी की बिक्री से जुड़े वित्तीय मामलों को सुलझाना महत्वपूर्ण होगा। DCM Shriram के साथ चल रही बातचीत के नतीजे निवेशकों के लिए खास रहेंगे, क्योंकि कोई भी प्रतिकूल फैसला कंपनी की वित्तीय स्थिरता पर असर डाल सकता है। पूरे साल का लगातार घाटा भी लंबी अवधि की लाभप्रदता (Profitability) के आकलन के लिए एक अहम बिंदु बना रहेगा।
