Hindustan Zinc ने वितीय वर्ष 2026 (FY26) में ₹40,000 करोड़ का रिकॉर्ड कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Revenue) और ₹20,000 करोड़ का EBITDA दर्ज किया है। कंपनी अब अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी (Production Capacity) को दोगुना करने और पोटाश व रेयर अर्थ जैसे क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) में उतरने की योजना बना रही है।
Hindustan Zinc का शानदार साल: रिकॉर्ड कमाई और भविष्य की बड़ी योजनाएं
Hindustan Zinc ने वितीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, और यह कंपनी के लिए एक रिकॉर्ड-तोड़ साल रहा है। कंपनी ने ₹40,000 करोड़ का अब तक का सबसे ज़्यादा कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Revenue) और ₹20,000 करोड़ का EBITDA हासिल किया है। इसके साथ ही, कंपनी ने ₹13,832 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया है, और प्रति शेयर आय (EPS) ₹33 रही। प्रोडक्शन कॉस्ट (Production Cost) की बात करें तो जिंक का प्रोडक्शन कॉस्ट $959 प्रति टन रहा, जो पिछले पांच सालों में सबसे कम है।
आगे क्या?
कंपनी ने इस साल 1.1 मिलियन टन से ज़्यादा मेटल का प्रोडक्शन किया है, जो अब तक का सबसे ज़्यादा है। वहीं, रिफाइंड मेटल का प्रोडक्शन लगभग 1.05 मिलियन टन रहा। सिल्वर प्रोडक्शन 627 टन तक पहुंचा। ये नतीजे कंपनी की बेहतरीन मैनेजमेंट और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) का सबूत हैं।
भविष्य की रणनीति: दोगुनी क्षमता और नई खनिजें
Hindustan Zinc ने अगले पांच सालों के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को मौजूदा 1.1 मिलियन टन से बढ़ाकर 2 मिलियन टन तक ले जाना चाहती है। इसके लिए ₹40,000 करोड़ से ₹50,000 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) करने की योजना है, जिसमें से पहले चरण के लिए ₹17,000 करोड़ मंजूर किए जा चुके हैं। इस पहले चरण में देबारी (Debari) में एक नया इंटीग्रेटेड जिंक स्मेल्टर (Integrated Zinc Smelter) भी शामिल है।
इसके अलावा, कंपनी सिर्फ जिंक और सिल्वर तक ही सीमित नहीं रहेगी। Hindustan Zinc अब पोटाश (Potash), टंगस्टन (Tungsten) और रेयर अर्थ मिनरल्स (Rare Earth Minerals) जैसे क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में भी कदम रख रही है, ताकि वह एक मल्टी-मेटल (Multi-Metal) कंपनी बन सके।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यह स्ट्रेटेजिक डाइवर्सिफिकेशन (Strategic Diversification) कंपनी को भविष्य में ग्रोथ के नए अवसर देगा और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप भी है। कंपनी की लागत में कमी (Cost Leadership) और रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) पर फोकस, जैसे कि Serentica के साथ हुए एग्रीमेंट, इसे और मजबूत बना रहे हैं।
ध्यान रखने वाली बातें
हालांकि, भविष्य की योजनाएं काफी सकारात्मक हैं, निवेशकों को कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव (Commodity Price Volatility) पर नज़र रखनी चाहिए, जिसका असर सिल्वर और जिंक की कमाई पर पड़ सकता है। इसके अलावा, बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान का सफल कार्यान्वयन और नए मिनरल वेंचर्स से मिलने वाले रिटर्न पर भी पैनी नजर रखनी होगी।
