Hindustan Foods Limited ने अपनी 41वीं AGM के लिए तैयारी पूरी कर ली है। कंपनी अब अपने प्रोजेक्ट्स के विस्तार के लिए कर्ज लेने की सीमा को **₹1,000 करोड़** से बढ़ाकर **₹1,300 करोड़** करने की योजना बना रही है।
बड़े बदलाव की तैयारी
Hindustan Foods Limited ने अपनी 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का ऐलान कर दिया है, जो 23 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। कंपनी ने स्पेशल रिजोल्यूशन के जरिए अपनी उधार लेने की सीमा को ₹1,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,300 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही, कंपनी इन फंड्स को सुरक्षित करने के लिए अपनी संपत्तियों पर चार्ज बनाने की अनुमति भी मांगेगी।
क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?
पिछले 18 महीनों में कंपनी ने काफी तेजी से अपने ऑपरेशंस बढ़ाए हैं। कंपनी ने करीब ₹600 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को कमर्शियलाइज किया है, जबकि इनका कुल पाइपलाइन लक्ष्य ₹1,000 करोड़ का है। मैनेजमेंट का मानना है कि कर्ज की सीमा बढ़ने से कंपनी को आगे के विस्तार और कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए जरूरी नकदी (Liquidity) बनी रहेगी।
AGM के अन्य अहम मुद्दे
इस मीटिंग में शेयरहोल्डर्स वोटिंग के जरिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे:
- बोर्ड नियुक्तियां: श्रीनिवास वी. डेम्पो (Shrinivas V. Dempo) की नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर पुनर्नियुक्ति।
- ऑडिट: फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए कॉस्ट ऑडिटर्स M/s. Poddar & Co. का पारिश्रमिक ₹5.25 लाख तय करना।
निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
मीटिंग पूरी तरह से वर्चुअल होगी और इसमें प्रॉक्सी की सुविधा नहीं दी गई है। रिमोट ई-वोटिंग 20 सितंबर से शुरू होकर 22 सितंबर, 2026 तक चलेगी। पात्रता के लिए कट-ऑफ डेट 16 सितंबर, 2026 रखी गई है।
सावधानी: हालांकि कंपनी इसे विकास का जरिया बता रही है, लेकिन निवेशकों को यह जरूर देखना चाहिए कि बढ़ता कर्ज कंपनी के नेट प्रॉफिट मार्जिन और डेट-टू-इक्विटी रेशियो पर कितना असर डालता है।
