Hindustan Copper Limited ने वित्त वर्ष 2030 तक अपनी माइनिंग कैपेसिटी को 12.20 MTPA तक पहुंचाने का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इसके लिए कंपनी **₹7,000 करोड़** से ज्यादा का भारी-भरकम केपेक्स (Capex) प्लान लेकर आई है, जिससे प्रोडक्शन में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है।
शानदार प्रदर्शन के साथ भविष्य की तैयारी
Hindustan Copper ने वित्त वर्ष 25-26 के दौरान बेहतरीन फाइनेंशियल आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) ₹1,232.73 करोड़ रहा है, जबकि रेवेन्यू ₹3,077.92 करोड़ दर्ज किया गया है। इसके अलावा, कॉपर ओर (Copper Ore) प्रोडक्शन में 6% की ग्रोथ के साथ 3.67 मिलियन टन और मेटल इन कंसंट्रेट (MIC) में 9% का इजाफा देखने को मिला है।
कैपेक्स का रोडमैप और प्रोजेक्ट्स
कंपनी का मुख्य ध्यान अपनी क्षमता को मौजूदा 4 MTPA से बढ़ाकर 12.20 MTPA करने पर है। इस लक्ष्य को पाने के लिए अगले 5-6 वर्षों में ₹7,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह फंड कंपनी के प्रमुख प्रोजेक्ट्स जैसे मलांजखंड, खेतड़ी और इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स को आधुनिक बनाने और विस्तार करने में इस्तेमाल होगा। इसके अलावा, गुजरात कॉपर प्रोजेक्ट के लिए 'लहुम मैटेरियल्स' (Lohum Materials) के साथ राजस्व साझा करने का मॉडल कंपनी के लिए वैल्यु अनलॉकिंग का काम करेगा।
नई पार्टनरशिप्स और रणनीतिक कदम
Hindustan Copper अब अकेले काम नहीं कर रही है, बल्कि NTPC Mining, RITES और Coal India जैसे बड़े PSUs के साथ मिलकर काम कर रही है। चिली की दिग्गज कंपनी CODELCO के साथ इंटरनेशनल नॉलेज-शेयरिंग के करार से कंपनी को तकनीकी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए रिस्क और सावधानी
इन्वेस्टर्स को यह ध्यान रखना होगा कि इतना बड़ा निवेश और अंडरग्राउंड माइनिंग प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन बहुत चुनौतीपूर्ण होती है। यदि निर्माण कार्यों में देरी होती है, तो इसका सीधा असर प्रोडक्शन टारगेट्स पर पड़ सकता है। निवेशकों को कंपनी की तिमाही रिपोर्टों पर नजर रखनी चाहिए, विशेष रूप से केपेक्स के इस्तेमाल और गुजरात प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस पर, जो Q4 FY27 तक चालू होने की उम्मीद है।
