Hindustan Copper के शेयरहोल्डर्स ने 59वीं AGM में QIP और डेट के जरिए फंड जुटाने की योजना पर मुहर लगा दी है। कंपनी ने FY26 में **₹920.67 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर **97%** ज्यादा है।
रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन और फंडरेजिंग की तैयारी
कंपनी ने FY26 के दौरान अपने रेवेन्यू में 49% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो बढ़कर ₹3,077.92 करोड़ हो गया है। मजबूत नतीजों के बीच, शेयरहोल्डर्स ने 9.69 करोड़ इक्विटी शेयरों के QIP और डेट इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए पूंजी जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके अलावा, कंपनी ने FY26 के लिए ₹2.86 प्रति शेयर का डिविडेंड भी घोषित किया है।
भविष्य का रोडमैप और विस्तार
इस फंडरेजिंग का मुख्य उद्देश्य कंपनी की माइनिंग कैपेसिटी को साल 2030 तक 4.0 MTPA से बढ़ाकर 12.2 MTPA तक ले जाना है। कंपनी के मुनाफे की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि Q1 FY27 में इसका प्रॉफिट 163% उछलकर ₹352.61 करोड़ पर पहुंच गया है।
रणनीतिक कदम और रेटिंग
कंपनी ने मध्य प्रदेश में 'बाघवारी-खिरखोरी' ब्लॉक के लिए कंपोजिट लाइसेंस हासिल किया है और गुजरात कॉपर प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने के लिए 'Lohum Materials' के साथ 20 साल की पार्टनरशिप की है। केनडीह खदान में कामकाज शुरू हो चुका है, जबकि 'राखा माइन' के लिए भी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बेहतर स्थिति को देखते हुए क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म रेटिंग को AA+ से अपग्रेड करके AAA (स्टेबल) कर दिया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
बेशक कंपनी का भविष्य का विजन बड़ा है, लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि QIP आने से शेयरों में डाइल्यूशन (dilution) होगा। इसके अलावा, माइनिंग प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने की चुनौती और ग्लोबल कॉपर प्राइसेज में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं।
