Hindustan Construction Company (HCC) के Q2 FY27 नतीजों में मिले-जुले संकेत दिखे हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट **52.8%** घटकर **₹22.6 करोड़** पर आ गया है, जबकि रेवेन्यू **₹896.8 करोड़** रहा है।
मुनाफे पर क्यों पड़ा दबाव?
कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों में इस बार 6.5% का रेवेन्यू कॉन्ट्रैक्शन देखने को मिला है, जिसने सीधे तौर पर बॉटम-लाइन को प्रभावित किया है। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट हालांकि ₹36.8 करोड़ पर स्थिर रहा, लेकिन कंसोलिडेटेड लेवल पर प्रॉफिटेबिलिटी में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
कर्ज कम करने की रणनीति
ऑपरेशनल चुनौतियों के बावजूद, मैनेजमेंट ने बैलेंस शीट को मजबूत करने का काम जारी रखा है। कंपनी ने हाल ही में ₹100 करोड़ का डेट प्रीपेमेंट (debt prepayment) किया है, जिससे ब्याज के बोझ को कम करने की कोशिश की जा रही है।
भविष्य की उम्मीदें
निवेशकों की नजर अब Q3 FY27 पर है। सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले के बाद कंपनी को ₹210 करोड़ का फंड मिलने की उम्मीद है, जो लिक्विडिटी के लिहाज से एक बड़ा ट्रिगर साबित हो सकता है। इसके अलावा, कंपनी ने दिसंबर 2026 तक अतिरिक्त ₹108 करोड़ का कर्ज चुकाने का वादा किया है।
ऑर्डर बुक का हाल
कंपनी के पास वर्तमान में ₹12,901 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसका 62% हिस्सा ट्रांसपोर्ट सेक्टर से आता है। साथ ही, कंपनी का प्रोजेक्ट पाइपलाइन ₹85,907 करोड़ का है, जिस पर कंपनी आक्रामक तरीके से काम कर रही है। हालांकि, Bhivpuri और Vishnugad जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन में देरी कंपनी के लिए एक रिस्क फैक्टर बनी हुई है।
