HCC को मिला ₹127 करोड़ का हाइड्रो प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्ट
Hindustan Construction Company (HCC) ने ऐलान किया है कि उसे भूटान की वांगचू हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर लिमिटेड (Wangchhu Hydroelectric Power Limited - WHPL) से ₹127 करोड़ का एक महत्वपूर्ण कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट वांगचू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के सिविल वर्क्स के लिए है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
यह नया कॉन्ट्रैक्ट HCC के लिए काफी अहम है क्योंकि यह सीधे कंपनी के ऑर्डर बुक को बढ़ाएगा। साथ ही, यह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने की HCC की काबिलियत को भी जाहिर करता है। इससे कंपनी की हाइड्रोपावर सेक्टर में स्थिति और मजबूत होगी और भविष्य में ग्रोथ की उम्मीद जगेगी।
क्या है कंपनी का पिछला अनुभव?
HCC का इस क्षेत्र में अनुभव काफी पुराना है, कंपनी के पास हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर तीन दशक से अधिक काम करने का अनुभव है। HCC ने पहले भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे ताला, कुरिचू, पुनात्सैंगछू-I, डागाछू और निकच्छू प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। कंपनी का दावा है कि उसने भारत की कुल इंस्टॉल्ड हाइड्रोपावर कैपेसिटी का 26% और भारत की कुल न्यूक्लियर पावर कैपेसिटी का 75% पूरा किया है।
अब आगे क्या होगा?
इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत, HCC अब वांगचू प्रोजेक्ट के लिए डायवर्जन टनल, हाइड्रोमैकेनिकल गेट्स और कॉफरडैम का निर्माण शुरू करेगी। ये मुख्य प्रोजेक्ट के निर्माण से पहले जरूरी शुरुआती सिविल वर्क्स हैं।
किन जोखिमों पर नजर रखें?
इस कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा सबसे बड़ा जोखिम 9 महीने की तय समय-सीमा में काम पूरा करना है। किसी भी तरह की देरी प्रोजेक्ट की प्रॉफिटेबिलिटी और भविष्य में मिलने वाले प्रोजेक्ट्स पर असर डाल सकती है।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें:
HCC के काम में डायवर्जन टनल, हाइड्रोमैकेनिकल गेट्स और कॉफरडैम शामिल हैं। कॉन्ट्रैक्ट की कुल वैल्यू ₹127 करोड़ है और इसे 9 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। यह प्रोजेक्ट भूटान के 13वें पंचवर्षीय प्लान (2024-29) का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य 6,000 MW हाइड्रोइलेक्ट्रिक कैपेसिटी हासिल करना है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशक प्रोजेक्ट की प्रगति पर नजर रखेंगे, खासकर यह कि काम तय 9 महीने की अवधि में पूरा होता है या नहीं। HCC के ओवरऑल ऑर्डर बुक में होने वाले विकास पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
