Hindustan Composites ने अपने फ्रिक्शन बिजनेस को ₹370 करोड़ में Rane (Madras) को बेचने का ऐलान किया है। कंपनी को उम्मीद है कि इस डील से उसका बैलेंस शीट मजबूत होगा और EPS में सुधार आएगा, जिसका फायदा शेयरधारकों को स्पेशल डिविडेंड के रूप में मिलेगा।
Hindustan Composites ने ₹370 करोड़ में बेचा फ्रिक्शन बिजनेस
Hindustan Composites Ltd ने अपने 'फ्रिक्शन बिजनेस अंडरटेकिंग' को Rane (Madras) Limited को ₹370 करोड़ नकद में बेचने का प्रस्ताव दिया है। यह डील गोइंग कंसर्न (going concern) के आधार पर की जा रही है।
इस डील से क्या होगा?
इस बिक्री से Hindustan Composites की बैलेंस शीट मजबूत होने और प्रति शेयर आय (EPS) में सुधार आने की उम्मीद है। कंपनी इस डील से मिले पैसों का एक बड़ा हिस्सा स्पेशल डिविडेंड के तौर पर शेयरधारकों को वापस करने की योजना बना रही है, जिससे निवेशकों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
क्यों लिया यह फैसला?
कंपनी ने बताया कि फ्रिक्शन बिजनेस में बढ़ती प्रतिस्पर्धा (competition) और टेक्नोलॉजी में तेजी से हो रहे बदलावों के कारण यह कदम उठाया गया है। इस बिक्री से कंपनी को इस सेगमेंट में बने रहने के लिए जरूरी बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) से भी बचाया जा सकेगा।
आगे क्या होगा?
इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए शेयरधारकों के सामने रखा जाएगा, जिसके लिए एक स्पेशल रेजोल्यूशन (special resolution) के जरिए पोस्टल बैलेट (postal ballot) से वोटिंग कराई जाएगी। वोटिंग के लिए पात्रता (eligibility) की कट-ऑफ डेट 30 जून, 2026 रखी गई है।
चिंताएं और ध्यान देने योग्य बातें
फ्रिक्शन सेगमेंट खुद ही बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तेज तकनीकी बदलावों जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, जो कंपनी के इस फैसले के पीछे मुख्य कारण थे।
निवेशकों के लिए
यह स्ट्रेटेजिक (strategic) डील Hindustan Composites के लिए अच्छी खासी कैश इनफ्लो (cash inflow) लाएगी, जिससे कंपनी की वित्तीय सेहत सुधरेगी और स्पेशल डिविडेंड मिलने की संभावना बढ़ेगी। निवेशकों को शेयरधारकों की वोटिंग प्रक्रिया और डिविडेंड वितरण से जुड़ी घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।
