Himatsingka Seide Share: मुनाफा 85% गिरा, कंपनी जुटाएगी ₹850 करोड़

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Himatsingka Seide Share: मुनाफा 85% गिरा, कंपनी जुटाएगी ₹850 करोड़
Overview

Himatsingka Seide ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) में अपने नेट प्रॉफिट में **85.7%** की भारी गिरावट दर्ज की है, जो घटकर सिर्फ **₹1.73 करोड़** रह गया है। हालांकि, कंपनी की कुल आय **5.8%** बढ़कर **₹721.68 करोड़** हो गई। इसके साथ ही, कंपनी ने **₹850 करोड़** तक की रकम नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए जुटाने की भी मंजूरी दी है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Himatsingka Seide के नतीजे: मुनाफे में भारी गिरावट, लेकिन आय बढ़ी

Himatsingka Seide Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की इसी अवधि के ₹12.07 करोड़ के मुकाबले 85.7% घटकर मात्र ₹1.73 करोड़ रह गया। दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान कंपनी की कुल आय (Total Income) 5.8% बढ़कर ₹721.68 करोड़ तक पहुंच गई, जो पिछले साल ₹681.99 करोड़ थी।

आय बढ़ने के बावजूद मुनाफा क्यों गिरा?

आय में बढ़ोतरी के बावजूद मुनाफे में आई इस भारी गिरावट का मुख्य कारण 'अन्य आय' (Other Income) में जबरदस्त उछाल रहा। कंपनी को नेट फॉरेन एक्सचेंज (Forex) गेन्स से ₹95.69 करोड़ का फायदा हुआ, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का कमजोर होना है। यह दिखाता है कि कंपनी का बॉटम लाइन फॉरेक्स रेट्स के उतार-चढ़ाव के प्रति कितना संवेदनशील है।

पूरे साल का हाल

पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए, Himatsingka Seide का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹2,515.09 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष (FY25) के ₹2,778.20 करोड़ से कम है। FY26 के लिए PAT भी घटकर ₹62.24 करोड़ रह गया, जबकि FY25 में यह ₹76.28 करोड़ था। हालांकि, EBITDA लगभग स्थिर रहा, जो FY26 में ₹576.67 करोड़ और FY25 में ₹579.22 करोड़ था।

कंपनी जुटाएगी ₹850 करोड़

आगे की रणनीति के तहत, कंपनी के बोर्ड ने सीनियर, सिक्योरड, रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए ₹850 करोड़ तक की राशि जुटाने की मंजूरी दे दी है। कंपनी के अनुसार, इस फंड का मुख्य उद्देश्य मौजूदा कर्ज को रीफाइनेंस करना है, और इससे कंपनी की नेट डेट पोजीशन पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, बोर्ड ने FY26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹0.25 का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की भी सिफारिश की है।

किन चुनौतियों का सामना कर रही है कंपनी?

कंपनी का कहना है कि 'टैरिफ ओवरहैंग' और मध्य-पूर्व में 'भू-राजनीतिक तनाव' (Geopolitical Tensions) जैसे कारक क्षमता के उपयोग (Capacity Utilization) को प्रभावित कर रहे हैं और शिपमेंट में देरी का कारण बन रहे हैं। Q4 FY26 में, स्पिनिंग डिवीजन का क्षमता उपयोग 99% था, लेकिन शीट डिवीजन 56% और टेरी टॉवल डिवीजन 63% पर ही रहा।

आगे क्या देखें?

निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि मध्य-पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति और अमेरिकी टैरिफ नीतियां आने वाली तिमाहियों में कंपनी के शिपमेंट वॉल्यूम और रेवेन्यू को कैसे प्रभावित करती हैं। साथ ही, ₹850 करोड़ के NCD इश्यू का सफल निष्पादन कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.