Himatsingka Seide के नतीजे: मुनाफे में भारी गिरावट, लेकिन आय बढ़ी
Himatsingka Seide Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की इसी अवधि के ₹12.07 करोड़ के मुकाबले 85.7% घटकर मात्र ₹1.73 करोड़ रह गया। दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान कंपनी की कुल आय (Total Income) 5.8% बढ़कर ₹721.68 करोड़ तक पहुंच गई, जो पिछले साल ₹681.99 करोड़ थी।
आय बढ़ने के बावजूद मुनाफा क्यों गिरा?
आय में बढ़ोतरी के बावजूद मुनाफे में आई इस भारी गिरावट का मुख्य कारण 'अन्य आय' (Other Income) में जबरदस्त उछाल रहा। कंपनी को नेट फॉरेन एक्सचेंज (Forex) गेन्स से ₹95.69 करोड़ का फायदा हुआ, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का कमजोर होना है। यह दिखाता है कि कंपनी का बॉटम लाइन फॉरेक्स रेट्स के उतार-चढ़ाव के प्रति कितना संवेदनशील है।
पूरे साल का हाल
पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए, Himatsingka Seide का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹2,515.09 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष (FY25) के ₹2,778.20 करोड़ से कम है। FY26 के लिए PAT भी घटकर ₹62.24 करोड़ रह गया, जबकि FY25 में यह ₹76.28 करोड़ था। हालांकि, EBITDA लगभग स्थिर रहा, जो FY26 में ₹576.67 करोड़ और FY25 में ₹579.22 करोड़ था।
कंपनी जुटाएगी ₹850 करोड़
आगे की रणनीति के तहत, कंपनी के बोर्ड ने सीनियर, सिक्योरड, रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए ₹850 करोड़ तक की राशि जुटाने की मंजूरी दे दी है। कंपनी के अनुसार, इस फंड का मुख्य उद्देश्य मौजूदा कर्ज को रीफाइनेंस करना है, और इससे कंपनी की नेट डेट पोजीशन पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, बोर्ड ने FY26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹0.25 का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की भी सिफारिश की है।
किन चुनौतियों का सामना कर रही है कंपनी?
कंपनी का कहना है कि 'टैरिफ ओवरहैंग' और मध्य-पूर्व में 'भू-राजनीतिक तनाव' (Geopolitical Tensions) जैसे कारक क्षमता के उपयोग (Capacity Utilization) को प्रभावित कर रहे हैं और शिपमेंट में देरी का कारण बन रहे हैं। Q4 FY26 में, स्पिनिंग डिवीजन का क्षमता उपयोग 99% था, लेकिन शीट डिवीजन 56% और टेरी टॉवल डिवीजन 63% पर ही रहा।
आगे क्या देखें?
निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि मध्य-पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति और अमेरिकी टैरिफ नीतियां आने वाली तिमाहियों में कंपनी के शिपमेंट वॉल्यूम और रेवेन्यू को कैसे प्रभावित करती हैं। साथ ही, ₹850 करोड़ के NCD इश्यू का सफल निष्पादन कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
