Hiliks Technologies: कंपनी का रेवेन्यू **324%** बढ़ा, रेलवे प्रोजेक्ट्स से मिली शानदार रफ्तार

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AuthorAditya Rao|Published at:
Hiliks Technologies: कंपनी का रेवेन्यू **324%** बढ़ा, रेलवे प्रोजेक्ट्स से मिली शानदार रफ्तार

Hiliks Technologies ने FY26 में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अपना रेवेन्यू **324%** बढ़ाकर **₹29.59 करोड़** पर पहुँचा दिया है। रेलवे सिग्नलिंग प्रोजेक्ट्स पर फोकस और कर्ज-मुक्त (Debt-free) बैलेंस शीट कंपनी की मजबूती दिखाती है।

मुनाफे में धमाकेदार उछाल

कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें रेवेन्यू पिछले साल के ₹6.98 करोड़ से बढ़कर ₹29.59 करोड़ हो गया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) ₹0.84 करोड़ पर पहुँच गया है। अब कंपनी के कुल रेवेन्यू का 74% हिस्सा रेलवे सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन से आ रहा है।

ऑर्डर बुक और भविष्य की राह

कंपनी ने 'Railone' कॉन्ट्रैक्ट के जरिए अपनी ताकत दिखाई है। वर्तमान में कंपनी के पास ₹70 करोड़ की ऑर्डर बुक है, जिसमें हाल ही में मिला ₹37.75 करोड़ का 'Motumari–Vishnupuram Doubling Project' भी शामिल है। कर्ज-मुक्त होने के कारण कंपनी के पास इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को स्केल करने के लिए अच्छी फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी है।

मैनेजमेंट और बोर्ड में बड़े बदलाव

कंपनी ने बेहतर गवर्नेंस के लिए कई कदम उठाए हैं। संदीप कोप्परापु को 3 साल के लिए होल-टाइम डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि मृदुल त्रिपाठी ने अप्रैल 2025 में CFO का कार्यभार संभाला है।

निवेशकों के लिए सावधानियां

हालांकि ग्रोथ अच्छी है, लेकिन सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में कुछ कमियां सामने आई हैं, जैसे कि लिस्टिंग फीस भुगतान में देरी और रेगुलेटरी अनुपालन में चूक। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि रेलवे EPC कॉन्ट्रैक्ट्स में वर्किंग कैपिटल की भारी जरूरत होती है, जो कैश फ्लो को प्रभावित कर सकती है।

अगले पड़ाव पर निवेशकों को 'Kavach' ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम से जुड़े नए ऑर्डर्स पर नजर रखनी चाहिए, जो FY27 में ग्रोथ का मुख्य जरिया हो सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.