लिस्टिंग के पहले साल में ही Highway Infrastructure Ltd ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में **42%** की जोरदार बढ़ोतरी हुई, जो **₹31.8 करोड़** रहा। वहीं, रेवेन्यू में **25.6%** का इजाफा हुआ और ऑर्डर बुक बढ़कर **₹1,133 करोड़** पर पहुंच गई।
Highway Infrastructure ने FY26 में मचाया धमाल!
लिस्टिंग के बाद अपने पहले फाइनेंशियल ईयर में Highway Infrastructure Limited ने दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें ₹31.8 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया गया है। यह पिछले साल (FY25) के ₹22.4 करोड़ की तुलना में 42.0% की बड़ी छलांग है।
कंपनी की कुल आय (Total Income) में भी 25.6% का शानदार इजाफा हुआ, जो ₹633.4 करोड़ रहा (FY25 में ₹504.5 करोड़)। EBITDA में 28.4% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹51.5 करोड़ तक पहुंच गया।
क्यों अहम हैं ये नतीजे?
एक पब्लिक कंपनी के तौर पर यह पहला साल था और इन नतीजों ने कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल और फाइनेंशियल परफॉरमेंस को साबित किया है। PAT और कुल आय में यह जबरदस्त ग्रोथ, साथ ही डेट-टू-इक्विटी रेशियो का 0.45x (जो पिछले साल 0.6x था) तक सुधरना, शेयरहोल्डर्स के लिए एक पॉजिटिव संकेत है। इसके अलावा, कंपनी का नेट वर्थ बढ़कर ₹228.5 करोड़ हो गया है।
ऑर्डर बुक में 5 गुना की तेजी!
कंपनी की तरक्की की कहानी सिर्फ नतीजों तक ही सीमित नहीं है। FY23-FY26 के दौरान कंपनी का PAT CAGR 32.1% रहा है। वहीं, सबसे खास बात यह है कि कंपनी की कंसॉलिडेटेड ऑर्डर बुक मार्च 2026 तक बढ़कर ₹1,133 करोड़ हो गई है, जो मार्च 2023 में सिर्फ ₹225 करोड़ थी। यानी 5 गुना का जबरदस्त इजाफा!
आगे क्या?
कंपनी का लक्ष्य FY27 में ₹900 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू हासिल करना है। इसके लिए वे गुजरात, राजस्थान और पूर्वोत्तर जैसे नए इलाकों में विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। साथ ही, वे वेसाइड एमिनिटीज, रिन्यूएबल एनर्जी EPC और रोपवे डेवलपमेंट जैसे नए अवसरों को भी तलाश रहे हैं।
ध्यान देने योग्य रिस्क
हालांकि, कंपनी के लिए एक चिंता की खबर भी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने ₹26 लाख का जुर्माना लगाया है और 3 महीने के लिए डीबार करने का आदेश दिया है, जो 8 अप्रैल 2026 से लागू होगा। यह फैसला यूजर फी कलेक्शन कॉन्ट्रैक्ट के लेटर ऑफ अवार्ड को स्वीकार न करने के कारण लिया गया है। कंपनी का कहना है कि इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर यह डीबारमेंट लंबा चला या भविष्य में ऐसी और रेगुलेटरी दिक्कतें आईं तो यह एक रिस्क बन सकती है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशक अब कंपनी के FY27 के ₹900 करोड़ के रेवेन्यू लक्ष्य की ओर प्रगति और नए क्षेत्रों में विस्तार की योजनाओं पर बारीकी से नजर रखेंगे। NHAI के जुर्माने का मामला भी निवेशकों द्वारा करीबी से देखा जाएगा।
