HeidelbergCement India: बढ़ती लागत का असर, कंपनी के मुनाफे में **32.7%** की बड़ी गिरावट

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AuthorNeha Patil|Published at:
HeidelbergCement India: बढ़ती लागत का असर, कंपनी के मुनाफे में **32.7%** की बड़ी गिरावट

HeidelbergCement India के लिए दूसरी तिमाही मिली-जुली रही। हालांकि रेवेन्यू में **11%** की बढ़ोतरी दर्ज हुई है, लेकिन बढ़ते फ्यूल और पावर खर्चों के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट **32.7%** घटकर **168 मिलियन** पर आ गया है।

मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?

कंपनी ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए जो आंकड़े पेश किए हैं, वे एक बड़े मार्जिन स्क्वीज (Margin Squeeze) की कहानी बयां करते हैं। रेवेन्यू 5,677.8 मिलियन पर पहुंच गया है, जो कि पिछले साल की तुलना में 11% ज्यादा है। सेल वॉल्यूम में 7.3% की बढ़त देखी गई और यह 1,154 KT रहा, लेकिन यह ग्रोथ मुनाफे को बचाने के लिए काफी नहीं थी।

मार्जिन का गणित

सीमेंट की कीमतों में 3.4% का सुधार होने के बावजूद, प्रति-टन ऑपरेटिंग लागत में 6.6% का उछाल आया। इसके चलते EBITDA मार्जिन पिछले साल के 11.2% से घटकर इस बार 8.5% रह गया है। इसका सीधा असर कंपनी के EBITDA प्रति-टन पर पड़ा है, जो 22% गिरकर 417 पर आ गया है।

मैनेजमेंट और बोर्ड का अपडेट

मैनेजमेंट ने पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति को ईंधन और बिजली की लागत बढ़ने का मुख्य कारण बताया है। इसके साथ ही, कंपनी ने मानव संसाधन विभाग में बड़ा बदलाव किया है। अनु मेहता को 1 दिसंबर 2026 से एचआर डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है, जो पूनम शर्मा की जगह लेंगी।

निवेशकों के लिए चेतावनी

कंपनी अब अपनी डिकार्बोनाइजेशन रणनीति के तहत कुल ऊर्जा मिश्रण में 9% हिस्सेदारी वैकल्पिक ईंधन (Alternate Fuel) की करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इन लागतों पर नियंत्रण कैसे पाती है और क्या वह ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों से अपनी निर्भरता घटा पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.