Hazoor Multi Projects Ltd ने Paranur Fee Plaza के लिए मिले अपने कॉन्ट्रैक्ट (LOA) को वापस लेने का अनुरोध किया है। यह फैसला NHAI द्वारा टोल सिस्टम में हो रहे बड़े बदलाव के कारण लिया गया है।
कॉन्ट्रैक्ट से कदम पीछे क्यों हटाए?
Hazoor Multi Projects Ltd ने Paranur Fee Plaza के लिए मिले कॉन्ट्रैक्ट से खुद को अलग कर लिया है। कंपनी ने 26 अगस्त, 2026 को ही इसे रद्द करने का अनुरोध किया था, जो 31 अगस्त, 2026 से प्रभावी हो गया। राहत की बात यह है कि कंपनी का यह कदम किसी प्रोजेक्ट के फेल होने का संकेत नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक फैसला है।
NHAI का नया 'टेक' दांव
इस फैसले के पीछे की मुख्य वजह NHAI और IHMCL का नई टेक्नोलॉजी को अपनाना है। Paranur टोल प्लाजा पर 15 सितंबर, 2026 से 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) टोलिंग सिस्टम लागू होने जा रहा है। चूंकि अब सिस्टम पूरी तरह से ऑटोमेटेड होने वाला है, इसलिए पारंपरिक टोल कलेक्शन का काम अब मुमकिन नहीं था। इस बदलाव को देखते हुए कंपनी ने पहले ही इस प्रोजेक्ट से बाहर निकलना बेहतर समझा, जिससे उन्हें किसी भी तरह की ऑपरेशनल उलझन का सामना न करना पड़े।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार के जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे भारत में MLFF जैसे आधुनिक सिस्टम तेजी से लागू हो रहे हैं, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को अपने बिजनेस मॉडल को बदलना होगा। निवेशकों को अब इस पर नजर रखनी चाहिए कि क्या Hazoor Multi Projects ऐसी नई तकनीक-आधारित परियोजनाओं में जगह बना पाती है या नहीं। कंपनी का आने वाला कॉन्ट्रैक्ट पाइपलाइन अब उनके भविष्य की दिशा तय करेगा।
