Hazoor Multi Projects ने FY26 के लिए अपना रिजल्ट जारी कर दिया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹42.69 करोड़** पर पहुंच गया है, जो पिछले साल **₹39.98 करोड़** था। हालांकि, कैश की जरूरतों को देखते हुए बोर्ड ने इस बार डिविडेंड न देने का फैसला किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नेट प्रॉफिट में इजाफा दर्ज किया है। FY26 के दौरान कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹579.58 करोड़ रहा। वहीं, स्टैंडअलोन रेवेन्यू भी बढ़कर ₹402.71 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी का फोकस फिलहाल अपनी रोड कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने पर है।
क्यों नहीं मिला डिविडेंड?
इन्वेस्टर्स के लिए एक बड़ी खबर यह है कि बोर्ड ने इस बार डिविडेंड की घोषणा नहीं की है। इसके पीछे की वजह कंपनी की भविष्य की पूंजीगत जरूरतें (Capital Requirements) बताई गई हैं। कंपनी अपनी कैश होल्डिंग्स को आगामी प्रोजेक्ट्स में निवेश करना चाहती है।
AGM और बोर्ड के फैसले
कंपनी की 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 28 सितंबर, 2026 को तय की गई है। इस बैठक में कई अहम फैसलों पर वोटिंग होगी:
- डायरेक्टर्स की दोबारा नियुक्ति।
- चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर की सैलरी बढ़ाकर ₹5 करोड़ सालाना करने का प्रस्ताव।
एडमिनिस्ट्रेटिव और कंप्लायंस अपडेट
मैनेजमेंट ने पास्ट में हुई कुछ फाइलिंग देरी और गवर्नेंस संबंधी खामियों को स्वीकार किया है। कंपनी का कहना है कि यह 'अनजाने में हुई प्रशासनिक चूक' थी, जिसे अब सुधारा जा रहा है। आगे चलकर कंपनी बेहतर ट्रांसपेरेंसी का वादा कर रही है, ताकि निवेशकों का भरोसा बना रहे।
इसके अलावा, बाजार की नजर कंपनी को मिले ₹100 करोड़ की बैंक फैसिलिटी पर भी है, जिसे 'ACUITE BBB' स्टेबल रेटिंग मिली है। आने वाले समय में प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन और AGM के नतीजों पर नजर रखना जरूरी होगा।
