Harsha Engineers International ने Q2 FY2027 के शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का कंसोलिडेटेड इंजीनियरिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर **₹363 करोड़** से बढ़कर **₹428 करोड़** पर पहुंच गया है।
मुनाफे में उछाल और मजबूत परफॉर्मेंस
कंपनी के नतीजों में दमदार बढ़त देखने को मिली है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू के अलावा, कंपनी का EBITDA भी ₹63 करोड़ से बढ़कर ₹81.1 करोड़ हो गया है। भारत के बिजनेस में जबरदस्त मोमेंटम बना हुआ है, जहां H1 में 23% की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई है।
सेगमेंट के अनुसार प्रदर्शन
कंपनी के स्पेशलिटी सेगमेंट ने अच्छा प्रदर्शन किया है। अगर हम सीक्वेंशियल (तिमाही-दर-तिमाही) आधार पर देखें, तो बुशिंग्स (Bushings) में 26%, स्टैम्पिंग (Stampings) में 19% और लार्ज साइज बेयरिंग (LSB) सेगमेंट में 35% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रोमानिया यूनिट पर फोकस
कंपनी के लिए रोमानिया फैसिलिटी लंबे समय से चिंता का विषय रही है और मुनाफे पर असर डाल रही है। मैनेजमेंट ने अब इस यूनिट को छोटा (Downsize) करने का फैसला किया है ताकि नुकसान को कम किया जा सके। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर के अंत तक इसे ब्रेक-ईवन (Break-even) पर लाने का है, ताकि कंसोलिडेटेड मार्जिन 17% से 18% के टारगेट तक पहुंच सके।
आउटलुक और चुनौतियां
मैनेजमेंट ने पूरे साल के लिए 10% से 12% रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार रखा है। हालांकि, तीसरी तिमाही (Q3) के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की डिमांड में सीजनल सुस्ती आ सकती है। भविष्य में निवेशकों को रोमानिया टर्नअराउंड की प्रगति और इंडिया इंजीनियरिंग सेगमेंट के 22% EBITDA मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए।
